उन्होंने कहा कि 5 हजार करोड़ रुपए के शहरी विकास के कार्यों की औपचारिकताएं दिसंबर तक पूरी कर ली जाएं। इसके बाद इनका काम काम शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना, स्मार्ट सिटी परियोजना की रफ्तार धीमी है। इसकी गति बढ़ानी है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में बिना काम की कई योजनाओं को रद्द किया गया है। अभी तक कोटा की समीक्षा हो चुकी है। आगे जयपुर, उदयपुर और अजमेर की समीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि अमृत योजना में भारत सरकार के हिस्से का पैसा नहीं मिला है। बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय विकास विभाग भास्कर ए. सावंत, प्रमुख सचिव जल अभियांत्रिकी विभाग संदीप शर्मा, सचिव स्वायत्त शासन विभाग भवानी सिंह देथा समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।