
मनीष चतुर्वेदी
जयपुर। राजधानी में ऑटो एलपीजी की भारी किल्लत और आसमान छूती कीमतों ने हजारों वाहन चालकों की कमर तोड़ दी है। शहर में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सरकारी और प्राइवेट पंपों की दरों में करीब 29 रुपए प्रति लीटर का अंतर आ गया है। जहां इंडियन ऑयल के पंपों पर गैस 70.96 रुपए प्रति लीटर है, वहीं प्राइवेट कंपनियां 'आपदा में अवसर' तलाशते हुए 99.95 यानी करीब 100 रुपए प्रति लीटर तक वसूल रही हैं। सरकार की चुप्पी के चलते ऑटो और कार चालक ठगे जा रहे हैं और एलपीजी पंप वालों की मौज हो रही है। खास बात है कि विभाग को इसकी जानकारी ही नहीं है।
शहर के प्रमुख एलपीजी पंपों पर 'स्टॉक खत्म' हो गया हैं। मानसरोवर, सांगानेर और सीकर रोड जैसे इलाकों में चालकों को दो-तीन दिन बाद गैस आने का दिलासा दिया जा रहा है। कई पंप संचालकों का कहना है कि पीछे से सप्लाई बाधित है, जिससे हजारों गाडिय़ां सडक़ों के किनारे खड़ी हो गई हैं। जो पंप खुले हैं, वहां लंबी कतारें लगी हैं और 4-5 घंटे इंतजार के बाद भी गैस मिलने की गारंटी नहीं है।
राजधानी में इस वक्त एलपीजी की दरों में भारी विसंगति देखी जा रही है। इंडियन ऑयल के अधिकृत पंपों पर आज भी रेट 70.96 रुपए के आसपास है, लेकिन शहर के कई इलाकों में प्राइवेट कंपनियों ने रेट बढ़ाकर 100 रुपए के करीब पहुंचा दिए हैं। पिछले एक महीने में एलपीजी गैस की कीमतें 58 से बढक़र 100 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं। लोग इसे मुनाफाखोरी और कालाबाजारी से जोडक़र देख रहे हैं।
एलपीजी की इस किल्लत ने सबसे ज्यादा प्रहार उन ऑटो चालकों पर किया है, जिनका घर रोजाना की कमाई से चलता है। जयपुर की सडक़ों पर दौडऩे वाले हजारों ऑटो अब ठप होने की कगार पर हैं। चालकों का कहना है कि गैस नहीं मिलने से वे सवारी नहीं बैठा पा रहे और जहां गैस मिल रही है, वहां उनसे मनमर्जी के दाम वसूले जा रहे हैं। इस दोहरी मार ने ड्राइवरों के सामने आजीविका का संकट खड़ा कर दिया है।
केस 1 : सीकर रोड पर ऑटो चलाक निरंजन ने बताया कि उन्होंने 500 रुपए में सिर्फ 5 लीटर गैस भराई है। उन्हें पता है लुट रहे हैं, लेकिन गाड़ी नहीं चलेगी तो घर का चूल्हा कैसे जलेगा।
केस 2 : ऑटो ड्राइवर बंटी ने बताया कि गरीब की सुनने वाला कोई नहीं है। सरकार और प्रशासन को हमारी फिक्र नहीं है। हम मजबूरन पंप वालों को मुंह मांगे दाम दे रहे हैं।
मानसरोवर स्थित न्यू आतिश मार्केट के पास इंडियन ऑयल पंप के मैनेजर गोकुल सिंह ने कहा कि उनकी कंपनी की रेट 70.96 रुपए प्रति लीटर है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि यदि कोई प्राइवेट पंप 100 रुपए तक वसूल रहा है तो यह सरासर गलत है। एक ही शहर में दरों का इतना बड़ा अंतर तकनीकी रूप से संभव नहीं है।
हैरानी की बात यह है कि शहर में इतना बड़ा संकट खड़ा हो गया है, लेकिन जिला प्रशासन के पास इसकी जानकारी तक नहीं थी। विभाग की टीम ने अब तक उन पंपों का निरीक्षण नहीं किया है जहां दरें ज्यादा वसूली जा रही हैं या किल्लत पैदा कर स्टॉक दबाया जा रहा है।
प्राइवेट कंपनियां रेट बढ़ा सकती है, लेकिन इतना अंतर नहीं होना चाहिए, यह गलत है। सरकार को ध्यान देना चाहिए अन्यथा यह तो आपदा में अवसर जैसा होगा। विभाग को पंपों की मॉनिटरिंग करनी चाहिए। जिससे जनता को सहीं रेट में गैस मिल सके।
एलपीजी पंपों पर रेट में इतना अंतर आ रहा है, यह आपसे मालूम चल रहा है। मैं इसकी जांच कराता हूं। अगर गड़बड़ी मिली तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
29 Mar 2026 11:30 am
Published on:
29 Mar 2026 11:30 am
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