तमाम कोशिश व सतर्कता के बाद भी राजस्थान में लंपी वायरस ने फिर दस्तक दे दी है। प्रदेश के अजमेर जिले में दो गोवंश में टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पशुपालन विभाग सतर्क मोड में आ गया है और गोवंश को आइसोलेट करवाए जाने के साथ ही नजदीकी क्षेत्र में वैक्सीनेशन के लिए टीम गठित कर दी है। साथ ही पूरे प्रदेश के पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।गौरतलब है कि अजमेर के गांव बड़लिया में गोवंश में लम्पी के लक्षण दिखाई देने के बाद दो गौवंश के सैम्पल क्षेत्रीय रोग निदान केंद्र की ओर से राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भोपाल भिजवाए गए थे, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद विभागने यहां छह सदस्यीय टीम गठित कर रोग का सर्वे करने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में उपचार की प्रतिदिन की सूचना निदेशालय भिजवाने के निर्देश दिए हैं।
एडवाइजरी भी की जारी
पशुपालन विभाग ने प्रदेश के सभी संयुक्त निदेशकों को भी पत्र भेजकर एडवाइजरी जारी की है। पशुपालकों से अपील की है कि स्वस्थ व बीमारी पशुओं को अलग रखें। स्वस्थ गौवंश को वैक्सीन लगवाएं। विभागीय अधिकारियों की ओर से बताए गए तरीकों से पशुओं का बचाव व उपचार कराएं।
यहां मिली राहत
वहीं पाली, जैसलमेर, जयपुर और बीकानेर से भी गौवंश के सैम्पल भोपाल भिजवाए गए थे लेकिन उनकी रिपोर्टनेगेटिव आने से विभाग को राहत मिली है।
दो साल में 76030 गौवंश की मौत
गौरतलब है कि प्रदेश वर्ष 2021 और वर्ष 2022 में लंपी रोग से 76030 मवेशियों की मौत हुई थी। हालांकि मृत पशुओं की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक थी, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में यह संख्या दर्ज है।
इन राज्यों में भी आए मामले
राजस्थान से पूर्व बिहार, उत्तराखंड और महाराष्ट्र में भी गौवंश में लम्पी के मामले सामने आए हैं। ऐेसे में विभाग लम्पी की दूसरी लहर आने की संभावना को देखते हुए अलर्ट मोड में है और वैक्सीनेशन का काम पहले हीशुरू हो चुका है।