24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Mahashivratri Special: जयपुर में कुषाण काल के सिक्कों पर अंकित हैं भगवान शिव-नंदी

Mahashivratri Special: राजधानी में 1900 साल पुराने शिव और नंदी के सिक्के है। ईसा की पहली शताब्दी के इन सिक्कों पर शिव और नदी अंकित है। ये सिक्के सोने के हैं और एक सिक्के का वजन 10 से 12 ग्राम तक है।

2 min read
Google source verification
Mahashivratri Special: जयपुर में कुषाण काल के सिक्कों पर अंकित हैं भगवान शिव-नंदी

Mahashivratri Special: जयपुर में कुषाण काल के सिक्कों पर अंकित हैं भगवान शिव-नंदी

जयपुर। राजधानी में 1900 साल पुराने शिव और नंदी के सिक्के है। ईसा की पहली शताब्दी के इन सिक्कों पर शिव और नदी अंकित है। ऐसे 150 से अधिक सिक्के अल्बर्ट हॉल स्थित पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के पास संरक्षित है। ये सिक्के सोने के हैं और एक सिक्के का वजन 10 से 12 ग्राम तक है।

विभाग के अफसरों की मानें तो इन सिक्कों पर एक ओर भगवान शिव अंकित है, जो हाथों में त्रिशुल लिए हुए है। जबकि कुछ सिक्कों पर नंदी पर सवार भगवान शिव नजर आ रहे हैं। सिक्कों के दूसरे भाग में शासन खड़ा हुआ है, जो यज्ञ में आहुति दे रहा है। जबकि कुछ सिक्कों में शासक त्रिशूल लिए नजर आ रहा है। इन सिक्कों पर खरोष्ठी लिपि अंकित है। इनमें अधिकतर सिक्के कुषाण काल के है।

टोंक और झुंझुनूं से मिले सिक्के
शिव व नंदी के अधिकतर सिक्के विभाग को टोंक व झुंझुनूं जिले में मिले है। कुछ सिक्के प्रदेश के विभिन्न स्थानों से प्राप्त हुए है। अब ये सिक्के विभाग की मुद्रा शाखा के पास संरक्षित है।

इन्होंने अंकित करवाए सिक्कों पर शिव-नंदी
जानकारों की मानें तो ईसा की पहली शताब्दी में भारत पर कुषाण वंश का शासन था। कुषाण शासकों में कनिष्क को शक संवत का प्रणेता माना जाता है। इन्होंने शैव धर्म स्वीकार किया और अपने राज्य में प्रचलित सोने के सिक्कों पर सबसे पहले शिव और नदी का अंकन करवाया।

150 से अधिक सोने के सिक्के
पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के मुद्रा शास्त्री प्रिंस कुमार उप्पल ने बताया कि मुद्रा शाखा के पास शिव व नंदी के 150 से अधिक सोने के सिक्के हैं। ये सिक्के ईसा की पहली शताब्दी के है। अधिकतर सिक्के टोंक व झुंझुनूं जिले में प्राप्त हुए है। विभाग ने इन्हें संरक्षित रखा हुआ है।

95 हजार सिक्के मुद्रा शाखा में
अफसरों की मानें तो पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के 22 म्यूजियमों में करीब सवा दो लाख सिक्के हैं, इनमें सबसे अधिक 95 हजार सिक्के जयपुर स्थित मुद्रा शाखा के पास है।