वैसे तो सच्चे मन से की गई पूजा सदैव ही भगवान स्वीकार करते हैं लेकिन कुछ विधि विधान है, जिनसे Hanuman Ji की पूजा की जाए तो उसका खास महत्व होता है।
Hanuman Jayanti: चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था, इसलिए हर साल इस दिन देशभर में हनुमान जयंती मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान हनुमान जी की पूजा आपको विशेष फल देती है। इस दिन की गई पूजा को हनुमान जी जल्द स्वीकार भी करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हनुमान जी की पूजा में कुछ चीजें विशेष रूप से अर्पित करने से वे जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों के सभी दुख दूर करते हैं।
ज्योतिषाचार्य अविनाश गौड़ ने बताया कि, वैसे तो सच्चे मन से की गई पूजा सदैव ही भगवान स्वीकार करते हैं लेकिन कुछ विधि विधान है, जिनसे हनुमानजी की पूजा की जाए तो उसका खास महत्व होता है।
अर्पित करें मीठा पान
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार हनुमान जी की पूजा में मीठा पान भी चढ़ाया जाता है। बता दें कि इस पान में चूना, तंबाकू और सुपारी नहीं होनी चाहिए। पान में लोंग का जोड़ा समर्पित किया जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हनुमान जी को पान अर्पित करते समय उनसे प्रार्थना करें कि हे भगवान, जितनी मिठास इस पान में है उतनी हमारे जीवन में भी भर दें।
गुलाब के फूल
हनुमान जी को पूजा में वैसे तो कोई भी फूल अर्पित किया जा सकता है लेकिन गुलाब के फूल हनुमान जी को विशेष रूप से अर्पित किए जाते हैं। बताया जाता है कि शास्त्रों में हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए गुलाब के फूलों की माला अर्पित करने की परंपरा है। इससे हनुमान जी जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। ये भी कहा जाता है कि, हनुमान के परम ईष्ट भगवान श्रीराम की हनुमान द्वारा की गई पूजा में गुलाब के फूलों का उल्लेख मिलता है।
चूरमे और मिष्ठान का लगाएं भोग
हनुमान जी को पूजा के बाद किसी भी चीज का भोग लगाया जा सकता है। लेकिन कहते हैं कि अगर उनकी पंसदीदा चीज का भोग लगाएंगे, तो वे जल्द प्रसन्न होते हैं। वैसे मान्यता ये भी है कि हनुमान जी को मोदक बहुत पसंद है, उससे वह खुश होते हैं। इसके अलावा हनुमान जी को शुद्ध घी से बने चूरमे का भोग लगाकर मोदक व अन्य मिठाइयां से उनको अर्पण किया जाए तो वह प्रसन्न हो जाते हैं।
हरऋंगार के इत्र से हनुमान होते हैं प्रसन्न
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हनुमान जी की पूजा में इत्र का प्रयोग विशेष रूप से किया जाता है। वहीं, हरऋंगार का पौधा बहुत भी हिंदू धर्म में बहुत खास माना गया है। मान्यता है कि हरऋंगार के फूलों से बना इत्र हनुमान जी को बेहद प्रिय है। हनुमान जयंती के खास मौके पर हनुमान जी के दोनों कधों पर थोड़ा-थोड़ा छिड़क दें। इससे Mahavir Hanuman जी की कृपा बनी रहेगी।
अभिषेक में हो गंगाजल का मिश्रण
पूजा के दौरान हनुमान जी का अभिषेक भी करने से भी शुभ फलों की प्राप्ति होती है। वैसे तो किसी भी तरह के शुद्ध जल से अभिषेक किया जा सकता है। बताया जाता है कि गंगा को माता की तहर मानने वाले श्रीहनुमान जी को गंगाजल का अभिषेक अत्यंत लोकप्रीय है। इसलिए साफ जल में यदी अगर आप इसमें थोड़ा-सा गंगाजल मिला लेते हैं, तो ये बहुत जल्द शुभ फल प्रदान करता है।
हनुमान जयंती पूजा सामग्री
पूजा की चौकी, लाल कपड़ा, लाल लंगोट, पंचामृत, जल कलश, जनेऊ,सिंदूर, चमेली का तेल, गंगाजल, चांदी/सोने का वर्क, अक्षत, चंदन,गुलाब के फूलों की माला, इत्र, भुने चने, गुड़, नारियल, केला, चूरमा,बनारसी पान का बीड़ा, दीपक, धूप, अगरबत्ती, कपूर, सरसो का तेल, घी, तुलसी पत्र,हनुमान जी की पूजा में सिंदूर, गुड़, चना और दीपक अति आवश्यक माना गया है।