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नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक को इस हालत में देख मचा हडक़ंप

रिबर्थ नशामुक्ति ( Rebirth Nasha Mukti Kendra ) में गांव बुन्दड़ तहसील सादुलगढ़ जिला मानसा (पंजाब) निवासी युवक रमनदीपसिंह (25) पुत्र प्यारासिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसने कमरे में कपड़े का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जिसने भटिंडा स्थित मैक्स हॉस्पीटल में दम तोड़ दिया...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Feb 22, 2020

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हनुमानगढ़/संगरिया। 'नशा मौत का कारण है।’ नशे की गर्त में जा रहे युवाओं को बचाने के लिए अब समाज को आगे आना होगा। चूंकि नशा छुड़वाने के लिए खुले नशा मुक्ति केंद्रों पर भरती युवाओं की बीते दिनों में मौत, मारपीट व प्रताडऩा का सिलसिला बरकरार है। जिससे लगता है कि ये केंद्र नया जीवन देने की बजाए उनका जीवन लील रहे हैं। इसकी बानगी उप तहसील गांव ढाबां में शनिवार को फिर से दृष्टिगोचर हुई। ढाबां में चल रहे रिबर्थ नशामुक्ति ( Rebirth Nasha Mukti Kendra ) में गांव बुन्दड़ तहसील सादुलगढ़ जिला मानसा (पंजाब) निवासी युवक रमनदीपसिंह (25) पुत्र प्यारासिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसने कमरे में कपड़े का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जिसने भटिंडा स्थित मैक्स हॉस्पीटल में दम तोड़ दिया।

18 जनवरी को हुआ था भर्ती
ढाबां पुलिस चौकी प्रभारी व जांच अधिकारी एएसआइ राजूराम ने बताया कि रिबर्थ नशामुक्ति केंद्र के संचालक पावर हाउस रोड भटिंडा (पंजाब) निवासी जसनदीपसिंह पुत्र जसवीरसिंह जटसिख ने पुलिस थाने में इस आशय की मर्ग दर्ज करवाई है। बताया कि 18 जनवरी को मृतक रमनदीपसिंह को उसके साडू हरबंशसिंह ने नशा छुड़वाने के लिए केंद्र में भर्ती करवाया था। 6 फरवरी को रिश्तेदार उसे डिस्चार्ज करवाकर ले गए। दो दिन बाद फिर से रिश्तेदार गगनदीप केंद्र में आए और दुबारा उसे भर्ती करवाकर चले गए।

लगाया फंदा, हुई मौत
बताया कि रमन नशा का आदी था और काफी नशा करता था। जिससे वह स्वयं, घरवाले परेशान रहते थे। हालांकि केंद्र पर उसकी दिनचर्या ठीक चल रही थी और वे सुधार करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन शुक्रवार दोपहर 2.55 पर केंद्र के स्टोर रुम में कपड़ों का फंदा लगाकर रमनदीप ने आत्महत्या कर ली। इलाज के लिए उसे मैक्स हॉस्पीटल भटिंडा ले गए। जहां वेंटीलेटर पर उपचार दौरान मौत हो गई। पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होना मानते हुए फिलहाल धारा 174 में मर्ग दर्ज की है। एएसआइ राजूराम भटिंडा गए हैं। जहां मृतक का शव बरामद कर आगामी कार्रवाई हागी।

एक की मौत, दूसरे से कुकर्म तो तीसरे से निर्मम प्रताडऩा, मामले हैं दर्ज
ज्ञातव्य है कि पिछले दिनों आरसीबी नशामुक्ति केंद्र संगरिया में 29 दिसंबर को कालांवाली निवासी युवक प्रिंस की प्रताडऩा के चलते निर्मम हत्या हो गई। इसी केंद्र में कस्बे के वार्ड 14 निवासी युवक ने उसके साथ अप्राकृतिक मैथुन करने का आरोप लगा दिया। वहीं कुछ दिन पूर्व ही लकड़ांवाली जिला सिरसा (हरियाणा) निवासी डीसीसिंह पुत्र जंटा सिंह मजबीसिख ने नंगाकर ठंडे पानी की बौछारें कर बेरहमी से लोहे की रॉड, डंडे व पट्टे से पीटने का आरोप लगाया। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर केंद्र संचालक अरविंद बिश्नोई, अंकुश बिश्नोई, इनके पिता रमेश उर्फ पप्पू, कानाराम पुत्र मुकेश कुमार, अशोक बिश्नोई व मेजरसिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया। सभी मामलों की जांच एसआइ सुरेंद्र कुमार बिश्रोई कर रहे हैं। हत्या मामले में कुछ जने जेल जा चुके जबकि रिपोर्ट की इंतजार में अन्य की गिरफ्तारी शेष है। पुलिस के अलावा प्रशासन की चुप्पी लोगों के मन में संदेह पैदा कर रही है। आखिर ऐसे मौत के नशामुक्ति केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।