
स्वाभिमान पर चोट खाए कर्नल मानवेंद्र कल कांग्रेस में शामिल होंगे…प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने भी इसकी पुष्टि कर दी है…इससे पायलट व कांग्रेस के संगठन महामंत्री अशोक गहलोत समेत राज्य के बड़े नेताओं ने मानवेंद्र के मसले पर गहन मंत्रणा की है…कांग्रेस सुप्रीमो राहुल गांधी से भी चर्चा हो चुकी है..मानवेंद्र ने राहुल से मिलने का समय मांगा था…उन्होंने मानवेंद्र को कल अपने घर बुलाया है…वहीं सम्भवतः मानवेंद्र कांग्रेस की सदस्यता लेंगे…मानवेंद्र के पाला बदलने की बात करें तो भाजपा के लिए यह बड़ा झटका है…मानवेंद्र प्रतिष्ठित राजपूत परिवार से आते हैं…उनके पिता और परिवार के सदस्यों की रही है राजनीति, खेल और रक्षा क्षेत्र में बड़ी प्रतिष्ठा…राजपूत समाज वैसे भी भाजपा का परम्परागत वोट बैंक माना जाता है…सूबे के मारवाड़ इलाके में अच्छा खासा वजूद रखते हैं राजपूत…पिछले विधानसभा चुनाव में मारवाड़ से मानवेंद्र समेत 11 राजपूत नेता भाजपा के टिकट पर जीतकर पहुंचे थे विधानसभा…इस बार भाजपा की राह कुछ मुश्किल नजर आ रही है…पद्मावत के बाद प्रदेशाध्यक्ष पद पर गजेंद्र शेखावत की नियुक्ति को लेकर हुए विवाद के बाद मामला ज्यादा उलझा है…अब मानवेंद्र की बाय बाय भाजपा की दिक्कत और बढ़ाएगी…बात करें कांग्रेस की तो वह मानवेंद्र के साथ आने में खुद का फायदा ही देख रही है…हालांकि मानवेंद्र के आने से उसके हाथ से जाट मत छिटकने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन जाटों में भी भाजपा के प्रति पनप रही नाराजगी में कांग्रेस को इतने ज्यादा नुकसान की आशंका नहीं है…बाड़मेर-जैसलमेर में तो राजपूत-दलित-मुस्लिम गठजोड़ उसके फायदा पहुंचाएगा ही, साथ ही मानवेंद्र व जसोल परिवार की राजपुरोहित, चारण व कुछ ओबीसी जातियों में पैठ का भी कांग्रेस फायदा ले सकती है…