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Fenugreek seeds: दाना मेथी के ढेर सारे फायदे, लेकिन पड़ेंगे महंगे

राजस्थान एवं मध्य प्रदेश की उत्पादक मंडियों में नई दाना मेथी ( Fenugreek seeds ) की आवक शुरू हो गई है। पैदावार कम होने से इसकी कीमतों में अभी से तेजी आ गई है। बीकानेर की जयपुर डिलीवरी डबल कैरी मेथी 6150 रुपए प्रति क्विंटल जीएसटी अलग में व्यापार हो रहा है।

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Fenugreek seeds: दाना मेथी की पैदावार कम घटी, दामों में उछाल आना शुरू

Fenugreek seeds: दाना मेथी की पैदावार कम घटी, दामों में उछाल आना शुरू

राजस्थान एवं मध्य प्रदेश की उत्पादक मंडियों में नई दाना मेथी की आवक शुरू हो गई है। पैदावार कम होने से इसकी कीमतों में अभी से तेजी आ गई है। बीकानेर की जयपुर डिलीवरी डबल कैरी मेथी 6150 रुपए प्रति क्विंटल जीएसटी अलग में व्यापार हो रहा है। राजधानी कृषि उपज मंडी स्थित कारोबारी मुकेश मेड़तवाल का कहना है कि एक सप्ताह के दौरान दाना मेथी के भाव करीब 300 रुपए प्रति क्विंटल उछल गए हैं। इस साल उत्पादन कम होने से मेथी में अभी और मजबूती के आसार व्यक्त किए जा रहे हैं। पाइपलाइन खाली होने से दाना मेथी में स्टॉकिस्टों की लिवाली लगातार बनी हुई है। राजस्थान की नोखा एवं बीकानेर मंडी में छह-छह हजार बोरी मेथी की दैनिक आवक हो रही है।

मेथी की खेती में अच्छा मुनाफा
मेथी एक नकदी फसल के रूप में मानी जाती है। यदि किसान इसकी व्यवसायिक रूप से खेती करें, तो अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। मैथी को सब्जी, अचार व सर्दियों में लड्डू आदि बनाने में प्रयोग किया जाता है। इसकी पत्तियां साग बनाने के काम आती हैं तथा इसके दाने मसाले के रूप में प्रयुक्त होते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह बहुत गुणकारी है। इसका प्रयोग डायबिटीज में चूर्ण बनाकर सेवन किया जाता है। हरी हो या दानेदार मेथी दोनों ही स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छी मानी जाती है।

देश से मसालों का निर्यात
मसालों का उत्पादन 7.9 फीसदी वार्षिक वृद्धि दर के साथ 2014-15 में 67.64 लाख टन से बढ़कर 2020-21 में 106.79 लाख टन हो गया। वहीं, इस दौरान मसाला क्षेत्र 32.24 लाख हेक्टेयर से बढक़र 45.28 लाख हेक्टेयर हो गया है। भारत में पिछले कुछ वर्षों से मसाला उत्पादन में काफी वृद्धि देखने को मिली है। इससे निर्यात में भी बढ़ोतरी देखा जा रहा है। वर्ष 2014-15 में भारत 8.94 लाख टन का मसाला निर्यात करता था। जिसका मूल्य 14,900 करोड़ रुपए था। वर्ष 2020-21 में मसाला का उत्पादन बढने से निर्यात 16 लाख टन तक पहुंच गया है। भारत वर्ष 2020-21 में 29,535 करोड़ रुपए का मसाला निर्यात किया है।

मसाला विकास के लिए चलाई जा रही हैं ये योजनाएं
देश में एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच), राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई), परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) आदि हैं।

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