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मरेंगो सिम्स ने वर्ल्ड लंग कैंसर डे मनाया

रेडियेशन, रेडॉन और बायोमास ईंधन भी फेफड़ों के कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं...

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मरेंगो सिम्स ने वर्ल्ड लंग कैंसर डे मनाया

अहमदाबाद. मरेंगो सिम्स अस्पताल ने फेफड़ों के कैंसर की बीमारी के कारणों और इलाज के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ल्ड लंग कैंसर डे मनाया, जो इस साल 1 अगस्त को पड़ता है। ऑन्कोलॉजिस्टों ने फेफड़ों के कैंसर के जोखिम कारकों के बारे में विस्तार से बताया और सिगरेट पीने को इस कैंसर का सबसे बड़ा कारण बताया है। मरेंगो सिम्स अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के एमडी डॉ. शिरीष अलुरकर ने बताया कि रेडियेशन, रेडॉन और बायोमास ईंधन भी फेफड़ों के कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। जिम्मेदार औद्योगिक कारको में एस्बेस्टस, आर्सेनिक, रेडियेशन और कुछ रसायन हैं। इसमें प्रारंभिक चरण में सर्जरी उपचार का मुख्य आधार है। मरेंगो सिम्स अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के एमडी, डीएनबी, डॉ जिग्नेश राजवंशी ने बताया कि “प्रारंभिक चरण में सर्जरी उपचार का मुख्य आधार है। ट्यूमर सहित फेफड़े का एक हिस्सा हटा दिया जाता है। स्थानीय रूप से उन्नत चरणों में, हम अपना उपचार कीमोथेरेपी (चयनित मामलों में कीमोथेरेपी और विकिरण) से शुरू करते हैं और उसके बाद सर्जरी करते हैं। कुछ मामलों में जहां सर्जरी संभव नहीं है, हम संयुक्त कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी से इलाज करते हैं। उन्नत चरणों (चौथा चरण) में, सर्जरी आमतौर पर संभव नहीं होती है।