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SMS हॉस्पिटल में उजागर हुई भारी लापरवाही, सीटी स्कैन मशीन खराब, मरीजों को बोलेरो में ढूंसकर बांगड़ से कराते रहे जांच

एसएमएस अस्पताल में मकर संक्रान्ति पर्व पर ट्रोमा सेंटर में तैयारियों की पोल खुल गई, ट्रोमा सेंटर में सिटी स्कैन की कोई व्यवस्था नहीं थी।
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जयपुर

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Rajesh

Jan 15, 2018

Massive negligence exposed in SMS Hospital CT Scan machine not working

जयपुर। एम्स की तर्ज पर ट्राएज और प्रस्तावित विश्वस्तरीय आईसीयू जैसी सुविधा देने वाला एसएमएस अस्पताल ट्रोमा सेंटर में तीन दिन से खराब पड़ी सिटी स्कैन मशीन को ठीक नहीं करा सका। ऐसे में मकर संक्रान्ति पर्व पर ट्रोमा सेंटर में तैयारियों की पोल खुल गई। रविवार को पर्व के दौरान राजधानी और प्रदेशभर से दुर्घटना और पतंगबाजी में घायलों को यहां लाया गया तो अव्यवस्था फैल गई। इसी बीच प्रदेश के बड़े अस्पताल की बड़ी लापरवाही भी उजागर हो गई। गंभीर घायल और सिर की चोटों के मरीजों के लिए ट्रोमा सेंटर में सिटी स्कैन की कोई व्यवस्था नहीं थी। गंभीर घायल मरीजों को बांगड़ परिसर में स्कैन के लिए ले जाया गया। चौंकाने वाली बात यह भी कि मरीजों को बांगड़ ले जाने के लिए भी पर्याप्त संसाधन नहीं थे। इतने सारे मरीजों के लिए मात्र एक बोलेरो एम्बुलेंस मौजूद थी। जिसमें घायलों को ढूंस-ढूंसकर भरा गया और बांगड़ परिसर में जांच के लिए भेजा गया। ऐसे में एम्बुलेंस में अंदर मरीज तो वाहन के बाहर परिजन लटकर गए।

फिर दो घंटे में लौटी एम्बुलेंस, अन्य घायल करते रहे इंतजार -

एम्बुलेंस मरीजों की बांगड़ से जांच कराकर डेढ़ घंटे में लौट रही थी। इस दौरान अन्य घायल मरीज दो घंटे तक एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे। ऐसे में परेशान कुछेक परिजनों ने अव्यवस्थाओं पर नाराजगी भी जताई। अस्पताल में लापरवाही का खमियाजा पूरे दिन मरीजों को भुगतना पड़ा।

ड्राइवर से कहा-"बाहर मीडिया है, पांच बजे तक आ जाना" -

ट्रोमा सेंटर में सिटी स्केन मशीन खराब होने के कारण एक वैन और बोलेरो एम्बुलेंस की व्यवस्था जांच कराने के लिए की गई। लेकिन वैन का ड्र्राइवर ड्यूटी पर ही नहीं आया। ऐसे में एम्बुलेंस वैन ट्रोमा परिसर में ही खड़ी रही। पांच नंबर कमरे में बैठे कर्मचारियों ने जब ड्राइवर को फोन किया तो कहा कि आज बाहर मीडिया वाले हैं, पांच बजे आ ही जाना। लेकिन ड्राइवर नहीं आया। ऐसे में एक ही वाहन से घायलों को ले जाया गया।

एक दिन पूर्व अधीक्षक देकर गए थे निर्देश -

मकरसंक्रान्ति की तैयारियों को जायजा लेने के लिए एक दिन पहले ही शनिवार को अस्पताल अधीक्षक डीएस मीणा ट्रोमा पहुंचे थे। जहां पर उन्होंने खराब पड़ी सिटी स्कैन मशीन को तुरंत प्रभाव से ठीक करने के निर्देश दिए थे। लेकिन लारवाही ऐसी सामने आई कि अधीक्षक के निर्देशों की भी पालना नहीं की गई।

फैक्ट फाइल -

40-45 सिटी स्कैन जांच होती है ट्रोमा में रोजाना

70 से अधिक जांच हुई रविवार को

800-1900 रुपए लगते हैं जांच के

60 प्रतिशत मरीज सिर की चोट के आते हैं ट्रोमा में

191 मरीज आए ट्रोमा ओपीडी में रविवार को

21 मरीजों को भर्ती कराया गया

सिटी स्कैन की मशीन आज ठीक हो जाएगी, दिल्ली से टैक्नीशियन बुलाया है। मकर संक्रान्ति पर बांगड़ से मरीजों की जांच की व्यवस्था कराई गई थी।

-डीएस मीणा, अधीक्षक एसएमएस अस्पताल

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