देवेन्द्रसिंह / जयपुर। गलताजी के मंदिर श्री सीतारामजी में जनक नंदनी सीताजी के तीन अलग अलग सुंदर स्वरूपों के दर्शन करने को मिलते है। इन स्वरूपों के दर्शनों व अपना मनोरथ पूर्ण कराने के लिए बड़ी संख्या में भक्त यहां पूजा अर्चना और अभिषेक के लिए यहां आते हैं। यहां जानकी माता भगवान राम के साथ अलग स्वरूपों में विराजमान हैं। ये स्वरूप स्वयंवर, वनवास और राज्याभिषेक तीन अलग-अलग छवियों के हैं।
ब्रह्म, माया और जीव का निरुपण
युवाचार्य स्वामी राघवेन्द्र ने बताया यहां रघुनाथजी मंदिर में विराजमान राम, सीता और लक्ष्मण के विग्रह ब्रह्म, जीव और माया का निरुपण करते हैं। रामकुमार के साथ स्वयंवर की छवि में विराजी जानकी माता माया के रूप में होने लोग दाम्पत्य जीवन में मधुरता के लिए अभिषेक करते है।