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सामोद के वीर हनुमान को हाथ जोडकऱ बिना दर्शन लौटे मॉरिशस के राष्ट्रपति, वजह कर देगी हैरान

जयपुर यात्रा पर आए मॉरिशस के राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रुपन ( Prithviraj Singh Rupan ) रविवार को यों भले ही शहर के ऐतिहासिक वैभव से प्रभावित हुए हों, लेकिन मौजूदा प्रशासन के तंत्र की लचरता ने उन्हें कटु अनुभव भी करा दिया। वाकया तब हुआ जब रुपन शहर से करीब 25 किमी दूर सामोद स्थित वीर हनुमान मंदिर ( Samod Veer Hanuman Ji Temple ) में दर्शन करने पहुंचे...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Mar 02, 2020

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जयपुर/सामोद। जयपुर यात्रा पर आए मॉरिशस के राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रुपन ( Prithviraj Singh Rupan ) रविवार को यों भले ही शहर के ऐतिहासिक वैभव से प्रभावित हुए हों, लेकिन मौजूदा प्रशासन के तंत्र की लचरता ने उन्हें कटु अनुभव भी करा दिया। वाकया तब हुआ जब रुपन शहर से करीब 25 किमी दूर सामोद स्थित वीर हनुमान मंदिर ( Samod Veer Hanuman Ji Temple ) में दर्शन करने पहुंचे। राष्ट्रपति के पहुंचने के बाद पता चला कि मंदिर तक जाने वाले रोप वे को कलक्टर के आदेशों से पिछले सात महीने से बंद कर रखा है। अब हालात यह बन गए कि या तो भारतीयों के बाहुल्य वाले मित्र देश के एक राष्ट्राध्यक्ष को एक हजार सीढिय़ां चढ़ कर मंदिर तक पहुंचना था या फिर सरकारी मशीनरी को तत्काल यह रोप वे क्रियाशील करना था। हालात तब और भी नाटकीय हो गए, जबकि रुपन तो तलहटी में खड़े होकर इंतजार कर रहे थे और उनके साथ मौजूद चंद सरकारी अधिकारी रोप वे को चालू करने का प्रयास करते रहे। काफी देर की मशक्कत के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग ने सुरक्षा का हवाला देते हुए रोप वे को शुरू करने की अनुमति नहीं दी। अंतत: रुपन ने इतनी सीढिय़ां चढ़ पाने में असमर्थता जताते हुए वापस नीचे से ही हाथ जोड़ कर वापस लौटने का निर्णय किया।

बड़ा सवाल
फिर क्यों लेकर गए मंदिर तक?
इस पूरे वाकये में बड़ा सवाल यह है कि सात माह से रोप वे के बंद होने के बावजूद मॉरिशस के राष्ट्रपति को वहां क्यों ले जाया गया? क्या राष्ट्रपति के निजी स्टाफ को यह जानकारी नहीं दी गई कि वहां जाने पर एक हजार सीढिय़ां चढऩी होंगी? विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के सामने किरकिरी होने के बाद स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अपने तर्क हैं, जबकि प्रदेश में वीवीआइपी प्रोटोकॉल का जिम्मा संभालने वाले सामान्य प्रशासन विभाग इसे रुपन की निजी यात्रा बताते हुए अपना पल्ला झाड़ रहा है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार निजी यात्रा होने के कारण रुपन को एयरपोर्ट पर ही प्रोटोकॉल मुहैया कराया गया था। इसके बाद वह स्वयं के कार्यक्रम के अनुसार ही भ्रमण पर निकले।

सुरक्षा कारणों से अनुमति नहीं दी
- सार्वजनिक निर्माण विभाग ने मामला राष्ट्राध्यक्ष से जुड़ा होने के कारण सुरक्षा कारणों के चलते अनुमति नहीं दी। क्योंकि राष्ट्राध्यक्ष की यात्रा से पहले सुरक्षा के मद्देनजर कई जांचें होती हैं।
ज्ञानचंद यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जयपुर ग्रामीण


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