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RUHS की मेडिकल ऑफिसर भर्ती परीक्षा को लेकर आई यह खबर,राज्य सरकार ने एक साथ की पदों में बम्पर बढ़ोतरी

आरयूएचएस में मेडिकल ऑफिसर के पदों पर भर्ती,चिकित्सा विभाग ने दोगुणा किए पद,अब 840 की जगह 1765 पदों पर होगी भर्ती आज थी आवेदन की आखिरी तारीख,अब 13 नवम्बर तक आवेदन

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medical officer recruitment examination of RUHS,increased the posts

राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेस (RUHS) में मेडिकल ऑफिसर की भर्ती (medical officer recruitment) को लेेकर प्रदेश की सरकार ने बड़ी सौगात दी हैं। मेडिकल ऑफिसर के रिक्त पदों को भरने के लिए अब पहले से तय 840 पदों पर नहीं बल्कि अब कुल 1765 पदों पर भर्ती की जाएगी

भर्ती के लिए चिकित्सा विभाग ने पदों की संख्या को दोगुणा करने के साथ ही आवेदन करने की तिथि को भी बढ़ा दिया है। अब MBBS अभ्यर्थी 13 नवम्बर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

पहले डायरेक्ट्रेट, मेडिकल, हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर सर्विसेस, गवर्नमेंट ऑफ राजस्थान ने 840 पदों पर ही भर्ती की विज्ञप्ति जारी की थी। लेकिन प्रदेशभर में मेडिकल ऑफिसर के करीब 2 हजार पद खाली हो जाने के पर चिकित्सा संगठनों ने पदों की संख्या बढ़ाए जाने को लेकर राज्य सरकार से मांग की थी।

जिस मांग को मानते हुए सरकार ने पदों की पहले से तय संख्या को दोगुणा से अधिक कर दिया हैं। वहीं विभाग ने परीक्षा के लिए आवेदन करने और परीक्षा फीस जमा करवाने की आखिरी तारीख 6 नवंबर तय की थी।जिसे भी बढ़ाकर अब 13 नवम्बर कर दिया है।

चिकित्सा संगठनों ने परीक्षा की तिथि को बदलने की भी मांग की थी।संगठन आरिस्दा ने पहले से तय परीक्षा तिथि के स्थान पर कोई अवकाश के दिन परीक्षा तिथि तय करने को लेकर चिकित्सा विभाग को पत्र लिखा था। लेकिन यह मांग नहीं मानी गई। परीक्षा पहले की तरह तय तारीख पर ही होगी।

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का चयन नियमानुसार लिखित परीक्षा के माध्यम से होगा। तय कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र 28 नवंबर को जारी कर दिए जाएंगे।

परीक्षा की तारीख 30 नवंबर तय की गई हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अवकाश के दिन परीक्षा नहीं होने से राजकीय व निजी क्षेत्र में सेवा दे रहे अभ्यर्थियों को परीक्षा देने में परेशानी होगी और कार्य प्रभावित होगा।

विज्ञप्ति में यूटीबी और संविदा के आधार पर कार्यरत चिकित्सकों के लिए परीक्षा में किसी भी प्रकार के बोनस अंक या वरीयता तय नहीं की गई है। जबकि अन्य सभी भर्तियों में राजकीय संस्थानों में दी गई सेवा वर्षों के आधार पर बोनस अंक का प्रावधान रखा जाता रहा हैं।

प्रदेश के ऐसे चिकित्सा संस्थान जहां नियमित चिकित्सक कार्यरत नहीं है, वहां पर यूटीबी और संविदा पर नियुक्त चिकित्सकों ने स्वास्थ्य सेवाओं की कमान को संभाला हुआ हैं।

चिकित्सक संगठनों का कहना है कि चिकित्सा कार्य और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं और अन्य कार्यों में व्यस्त रहने के कारण ये चिकित्सक भर्ती परीक्षा की तैयारी में अन्य अभ्यर्थियों से पिछड़ सकते हैं। इसलिए संगठनों ने इन चिकित्सकों को भर्ती में विशेष लाभ या बोनस अंक देने की मांग रखी हैं।