
दवाइयों को आग के हवाले क्यों किया गया? इसका जवाब किसी के पास नही है। लाखों रुपए कीमत की दवाइयों को जला दिया गया। आशंका जताई जा रही है की बड़ी मात्रा में दवाइयों को आग के हवाले करने के पीछे भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश है।
इस मामले को लेकर चिकित्सा प्रभारी भी अनजान बने हुए हैं, जबकि स्टोर कर्मी दो दिन से दवाइयों को आग में जलाने में लगे हुए हैं। एक्सपायर दवाइयों के साथ जिन दवाओं की एक्सपायरी डेट वर्ष 2025 तक है, उनको भी आग के हवाले किया गया। अस्पताल में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत दवा लेने के लिए मरीज तरस रहे हैं और अस्पतालकर्मी दवाइयों को आग में जलाकर नष्ट कर रहे हैं। वर्ष 2024 और 2025 तक की दवाइयों को भी आग में जलाया गया। मरीज अस्पताल में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत दवाईयां पूरी नहीं देने की शिकायत भी लंबे समय से करते आ रहे हैं।
टीम बनाकर कराएंगे पूरे मामले की जांच...
मांडलगढ़ के ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी गोपाल यादव ने कहा, बीगोद अस्पताल में दवाइयों को आग में जलाने का मामला सामने आया है। मामला बड़ा है। एक टीम गठित कर पूरे मामले की जांच की जाएगी। दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
08 Feb 2024 05:41 pm
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