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मासिक धर्म स्वच्छता दिवस: महिलाओं को जागरूक होना जरूरी, अन्यथा— कई बीमारियों की हो सकती है शिकार

आज मासिक धर्म स्वच्छता दिवस है।

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मासिक धर्म स्वच्छता दिवस: महिलाओं को जागरूक होना जरूरी, अन्यथा— कई बीमारियों की हो सकती है शिकार

मासिक धर्म स्वच्छता दिवस: महिलाओं को जागरूक होना जरूरी, अन्यथा— कई बीमारियों की हो सकती है शिकार

जयपुर। आज मासिक धर्म स्वच्छता दिवस है। लेकिन जागरूकता के अभाव में आज भी ऐसी काफी महिलाएं हैं, जो मासिक धर्म को दूसरी नजर से देखती हैं। इस कारण इनमें इन्फेक्शन की समस्या बढ़ रही है। धीरे-धीरे यह दूसरे रोगों को जन्म देता है। मासिक धर्म स्वच्छता को न अपनाने वाले कमजोर इम्युनिटी की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना रहती है। वहीं ऐसी कई महिलाओं में ट्यूब ब्लॉक होने शिकायत मिल रही है। कई महिलाओं इन्फेक्शन के कारण कई तरह के रोग देखने को मिल रही हैं। महिलाएं आसानी इन रोगों के चपेट में आ रही हैं जिनकी आसानी से रोका जा सकता है।

एसएमएस मेडिकल कॉलेज की डॉ राखी आर्य ने कहा कि महिलाओं में जागरूकता के अभाव में कई रोग हो जाते हैं। महिलाओं को इसे लेकर शर्म छोड़कर खुलकर बात करनी चाहिए। यह शरीर की क्रिया है। जिस तरह से हम दांत को, शरीर के अन्य अंगों को साफ करते हैं उसी तरह शरीर के इस अंग को भी साफ रख सकते हैं। इसे साफ रखने से कैंसर जैसे घातक रोगों की रोकथाम हो सकती है। उनका कहना है कि सफाई न रखने से शरीर के निचले हिस्से से इन्फेक्शन शरीर के अंदर ऊपरी भाग की तरफ बढ़ जाता है।

कम उम्र में पीरियड्स हो रहे शुरू

बालिकाओं में अब कम उम्र में ही पीरियड्स शुरू हो रहे हैं। कुछ वर्ष पहले तक जहां बालिकाओं में पीरियड्स के शुरुआत की उम्र 14-16 वर्ष थी। वह अब घटकर 11-13 वर्ष के बीच आ गई है। शहरी ही नहीं ग्रामीण इलाकों में भी बालिकाओं को 11-13 वर्ष की उम्र में पीरियड्स शुरू हो जाते हैं। मानसिक परिपक्वता से माहवारी शुरू होने के कारण कई बालिकाएं अवसाद का भी शिकार हो रही हैं।

महिलाओं के लिए सरकार ने चलाई उड़ान योजना..

राजस्थान की 1.20 करोड़ महिलाओं और बालिकाओं को नि:शुल्क सेनेटरी नैपकिन बांटे जा रहे हैं। साल 2020 में गहलोत सरकार की तीसरी वर्षगांठ पर प्रदेश को उड़ान योजना को लॉच किया था। योजना के तहत 10 से 45 वर्ष तक की महिलाओं को निशुल्क सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया जा रहा है। राजस्थान इस तरह की पहल करने वाला देश का एकमात्र राज्य है।

योजना की विशेषाताएं...

उड़ान योजना के अंतर्गत अभी तक राज्य की सभी छात्राओं और किशोरियों को राज्य सरकार द्वारा मुफ्त में दिए जा रहे है सैनिटरी नैपकिन

उड़ान योजना के लिए मुख्यमंत्री ने पास किया है 200 करोड़ रुपए का बजट

इस योजना से महिलाओं छात्रों, किशोरियों को अच्छा स्वास्थ्य और हाइजीन की सुविधा मिल रही है

राज्य के सभी विद्यालय, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों में चरणबद्ध वितरण

योजना की पात्रता...

योजना का लाभ राजस्थान की सभी महिलाएं उठा सकती हैं।
इस योजना का लाभ सिर्फ राजस्थान में मूल रूप से रहने वाली महिलाओं-छात्राओं को ही देने का प्रावधान है।