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Civil Service Exam 2023: मीरा नगरी की बेटी डॉ. मुदिता पहले बनी डॉक्टर अब आईएएस में पाई 381वीं रैंक

Civil Service Exam 2023: नागौर जिले के मेड़ता कस्बे को मीरा नगरी के नाम से जाना जाता है क्योंकि यहां कृष्ण भक्त मीरा का जन्म हुआ था। इसी मीरा नगरी का नाम अब डॉ. मुदिता शर्मा ने रोशन किया है। मेड़ता की बेटी डॉ. मुदिता शर्मा ने सिविल सेवा परीक्षा 2022 के फाइनल परिणाम में चयन पाते हुए 381 वीं रैंक हासिल की है।

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Civil Service Exam Mudita

Civil Service Exam Mudita

Civil Service Exam 2023: नागौर जिले के मेड़ता कस्बे को मीरा नगरी के नाम से जाना जाता है क्योंकि यहां कृष्ण भक्त मीरा का जन्म हुआ था। इसी मीरा नगरी का नाम अब डॉ. मुदिता शर्मा ने रोशन किया है। मेड़ता की बेटी डॉ. मुदिता शर्मा ने सिविल सेवा परीक्षा 2022 के फाइनल परिणाम में चयन पाते हुए 381 वीं रैंक हासिल की है। डॉ. मुदिता फिलहाल दिल्ली में हैं। एमबीबीएस पूरा करने के बाद डॉ. मुदिता ने जयपुर के सीके बिड़ला अस्पताल में कुछ महीनों तक प्रेक्टिस की और फिर वे सिविल सेवा की तैयारी के लिए दिल्ली चली गई। सालभर वहां एक प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटर में कोचिंग की और बाद में दिल्ली में रहते हुए अध्ययन जारी रखा। आखिर डॉ. मुदिता का सपना पूरा हुआ और उनका चयन आईएएस में हो गया।

बचपन से ही पढाई में तेज थी, 10 वीं में मैरिट में आई

डॉ. मुदिता शर्मा के पिता भगवती लाल शर्मा मेड़ता स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। साथ में वे श्रीचारभुजा नाथ मंदिर के पुजारी भी हैं। भगवती लाल शर्मा के चार लड़कियां और एक लड़का है। डॉ. मुदिता तीसरे नंबर की लड़की है। भगवती लाल शर्मा ने बताया कि मुदिता पढ़ाई में शुरू से ही काफी तेज थी। 10वीं की बोर्ड परीक्षा में मुदिता ने ऑल राजस्थान मेरिट में 15 वां स्थान बनाया था। एमबीबीएस करने के बाद मुदिता ने जयपुर में ही कुछ महीनों के लिए प्रैक्टिस की। मुदिता का सपना बचपन से ही सिविल सेवा में जाने का था। ऐसे में डॉक्टरी की प्रेक्टिस को ब्रेक देते हुए वे सिविल सर्विस की तैयारी के लिए दिल्ली चली गई। दिल्ली में दृष्टि आईएएस से कोचिंग ली और आईएएस में चयनित होकर अपने सपने को पूरा कर लिया।

घर में मिला पढाई का माहौल

डॉ. मुदिता के पिता भगवती लाल शर्मा प्रिंसिपल हैं और मां पार्वती ग्रहणी हैं। मुदिता की मां भले ही गृहणी हो लेकिन वे हिन्दी में एमए होने के साथ बीएड डिग्री होल्डर भी हैं। पार्वती ने अपने बच्चों को शुरू से ही पढाई के प्रति आकर्षित किया। अध्ययन के दौरान सामने आने वाले छोटे मोटे डाउट को पार्वती घर पर ही क्लियर कर देती थी। लगातार अध्ययन करने वाले बच्चे अपने पिता से रोज सवाल पूछा करते थे। पढाई के प्रति बच्चों की ललक देखकर भगवती लाल समझ गए थे कि उनके बच्चे बड़ा नाम करेंगे।

भगवती लाल के पाचों बच्चे हैं होनहार

भगवती लाल की सबसे बड़ी बेटी है मधुबाला जो बीडीएस चुकी हैं। मधुबाला की शादी हो चुकी है और वे अपने पति के साथ ऑस्ट्रेलिया में रहती हैं। दूसरी बेटी विद्या ने सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है और वे जयपुर के एक बैंक में असिस्टेंट मैनेजर हैं। तीसरी बेटी डॉ. मुदिता है जो एमबीबीएस के बाद अब आईएएस में चयनित हुई हैं। चौथे स्थान पर बेटा चंद्रशेखर है जो बीडीएस पूरी कर चुके हैं और अब पीजी की तैयारी कर रहे हैं। भगवती लाल की सबसे छोटी बेटी ऋतु है जो कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर रही है।

दादी रामेश्वरी देवी खूब याद करती है बच्चों को

डॉ. मुदिता शर्मा की दादी रामेश्वरी देवी अपने पोते पोतियों को रोज याद करती है। चारों पोतियों में दो की शादी होने के बाद वे ससुराल चली गई और दो पोतियां पढाई के सिलसिले से घर से दूर हैं। ऐसे में वे रोज भगवती लाल से कहती है कि उन्हें बच्चियों की खूब याद आती है। डॉ. मुदिता की मां पार्वती शर्मा अपने मोबाइल से अमूमन रोज ही रामेश्वरी देवी की बात अपनी बेटियों से करवाती है। डॉ. मुदिता का आईएएस में चयन होने के बाद भगवती लाल शर्मा के घर में बधाई देने वालों का तांता लग गया है।