
Mineral policy : निवेश व रोजगारपरक होगी खनिज नीति
राज्य की प्रस्तावित खनिज नीति ( mineral policy ) प्रदेश में खनिज खोज ( mineral exploration ) व खनन गतिविधियों ( mining activities ) को बढ़ावा देने वाली, रोजगारपरक और अन्य प्रदेशों की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी होगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम और एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की खनिज नीति को अन्य प्रदेशों की तुलना में अधिक अग्रगामी, सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री का कहना रहा है कि प्रदेश में विपुल खनिज संपादा का बेहतर और वैज्ञानिक तरीक से दोहन किया जा सके, इस तरह की नई खनिज नीति हो। इसी तरह से खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने खानों की नीलामी में आरक्षण व्यवस्था का प्रावधान करने को कहा है ताकि बेरोजगार तकनीकी विशेषज्ञ युवाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाओं, विशेष योग्यजन सहित आरक्षण वर्ग के लोगों की भी प्रदेश में खनन गतिविधियों में भागीदारी तय की जा सके।
नई खनिज नीति में अनावश्यक औपचारिकताओं व जटिलताओं को दूर किया जाएगा, वहीं खनन गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली, निवेशोन्मुखी, प्रदेश में रोजगार के अवसर खोलने वाली और आधुनिकतम तकनीक का उपयोग कर खनन गतिविधियों को संचालित करने वाली होगी। निदेशक माइंस एवं जियोलोजी केबी पण्डया ने बताया कि प्रस्तावित खनिज नीति अंतिम चरण में है और जल्दी ही राज्य सरकार को प्रारुप प्रस्तुत कर दिया जाएगा। सभी सुझावों का परीक्षण कर उपयोगी सुझावों व प्रस्तावों का समावेश किया जा रहा है। सभी सुझावों का परीक्षण कर उपयोगी सुझावों व प्रस्तावों का समावेश किया जा रहा है। बैठक में उप सचिव आरएस मक्कड, नीतू बारुपाल, अतिरिक्त निदेशक एनके कोठ्यारी, बीएस सोढ़ा, अतिरिक्त निदेशक पेट्रोलियम अजय शर्मा आदि ने हिस्सा लिया।
Published on:
11 Feb 2022 08:33 pm
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