
Rajasthan Mining: जयपुर। प्रमुख सचिव माइन्स, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने खान विभाग को प्रतिमाह कम से कम एक हजार करोड़ रुपए के राजस्व संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश में माइनिंग सेक्टर में निवेश, रोजगार और राजस्व संग्रहण को बढ़ावा देने के लिए मासिक एक्शन प्लान तैयार करने की आवश्यकता जताई।
रविकान्त ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि राजस्व संग्रहण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस साल 12,980 करोड़ रुपए के राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए योजनाबद्ध और समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
वहीं, रविकान्त ने जब्त खनिजों की तत्काल नीलामी करने के निर्देश भी दिए, ताकि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके और राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त हो सके।
विभाग के निदेशक दीपक तंवर ने बताया कि अप्रैल माह में विभाग ने पिछले वित्तीय वर्ष के 613 करोड़ 55 लाख रुपए के राजस्व संग्रहण की तुलना में इस वर्ष 623 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की है।
प्रमुख सचिव माइन्स टी. रविकान्त शुक्रवार को सचिवालय से हाईब्रीड मोड पर खान विभाग के मुख्यालय और फील्ड स्तर के अधिकारियों से रुबरु हो रहे थे। गत वित्तीय वर्ष में विभागीय अधिकारियों द्वारा 23.69 फीसदी की विकास दर के साथ राजस्व संग्रहण की सराहना करते हुए कहा कि इस साल 12980 करोड़ रुपए के राजस्व संग्रहण के और भी बड़े लक्ष्य को अर्जित करने के लिए अभी से योजनाबद्ध समन्वित प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि लक्ष्यों को पूरा करने के लिए वित्तीय वर्ष के आखिरी महिनों की ओर देखना गलत परंपरा हैं।
टी. रविकान्त ने जब्त खनिजों की तत्काल नीलामी के निर्देश दिए, इससे अवैध गतिविधि के खिलाफ सरकार की सख्ती का संदेश, जब्त खनिज के खुर्द बुर्द होने या कम होने की संभावना नहीं रहने और राजस्व प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कार्रवाई के दौरान लगाई जाने वाली शास्ती की वसूली के भी प्रयास धरातल पर दिखाई देने चाहिए। जब्त वाहनों को राजसात कराने की आवश्यक कार्रवाई की जाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव कार्यालय सहित विभिन्न स्तरों से प्राप्त प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए।
Published on:
03 May 2025 09:06 am
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