
जयपुर। मरुधरा की कला, संस्कृति और उद्यमिता अब केवल देश तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर के बाजारों में राजस्थान के उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। Directorate General of Commercial Intelligence and Statistics (डीजीसीआई - भारत सरकार) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों ने प्रदेश की आर्थिक मजबूती पर मुहर लगा दी है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में ही राजस्थान से 50 हजार 900 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा न केवल उत्साहजनक है, बल्कि प्रदेश को 'विकसित राजस्थान@2047' के लक्ष्य की ओर मजबूती से ले जा रहा है।
आर्थिक समीक्षा 2024-25 के संशोधित आंकड़ों पर नजर डालें तो राजस्थान के निर्यात ग्राफ में जबरदस्त उछाल आया है:
राजस्थान के कुल निर्यात में पांच प्रमुख वस्तुओं की हिस्सेदारी 67 प्रतिशत से भी अधिक है। इन क्षेत्रों में प्रदेश ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है:
| सेक्टर (Sectors) | 2023-24 का निर्यात (Cr) | 2024-25 का निर्यात (Cr) | प्रगति |
| अभियांत्रिकी (Engineering) | ₹16,592 | ₹19,849 | शानदार बढ़त |
| रत्न एवं आभूषण | ₹11,183 | ₹17,567 | 57% का भारी उछाल |
| कपड़ा (Textiles) | ₹8,819 | ₹9,700 | वैश्विक मांग बढ़ी |
| धातु (Metals) | ₹9,857 | ₹10,024 | स्थिर विकास |
| हस्तशिल्प (Handicrafts) | ₹7,986 | ₹8,444 | कला का सम्मान |
भजनलाल सरकार अब कृषि निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री ने निर्यातकों के लिए 'रेड कारपेट' बिछाते हुए निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 लागू की। इसकी मुख्य विशेषताएं जो गेमचेंजर बनीं।
निर्यात में इस छलांग का सीधा असर राजस्थान के आम जनजीवन पर भी दिख रहा है। निर्यात बढ़ने से स्थानीय स्तर पर नई फैक्ट्रियां और प्रोसेसिंग यूनिट्स खुल रही हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा हुए हैं।
निर्यात के ये आंकड़े केवल संख्या नहीं हैं, बल्कि यह राजस्थान की बदलती हुई आर्थिक तस्वीर की गवाह हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की 'निर्यात उन्मुख' सोच ने राजस्थान को देश के प्रमुख ट्रेड हब के रूप में स्थापित कर दिया है।
Updated on:
14 Feb 2026 10:38 am
Published on:
14 Feb 2026 10:37 am
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