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राजस्थान के हॉस्टलों का ये कैसा हाल…कहीं स्टूडेंट्स नदारद तो कहीं मिले फर्जी, छात्रावास अधीक्षक पर गिरी गाज

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने शुक्रवार को टोंक में देवली और निवाई में राजकीय अंबेडकर छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान देवली स्थित छात्रावास में कोई छात्र उपस्थित नहीं पाया गया, वहीं निवाई में निरीक्षण के दौरान 4 छात्र फर्जी रूप से उपस्थित मिलें।

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जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने शुक्रवार को टोंक में देवली और निवाई में राजकीय अंबेडकर छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान देवली स्थित छात्रावास में कोई छात्र उपस्थित नहीं पाया गया, वहीं निवाई में निरीक्षण के दौरान 4 छात्र फर्जी रूप से उपस्थित मिलें। जिस पर गहलोत के आदेशानुसार छात्रावास अधीक्षक राजेंद्र चौधरी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि दुर्गापुरा ढाणी स्थित अनुसूचित जाति छात्रावास के औचक निरीक्षण के दौरान भी कोई छात्र उपस्थित नहीं पाया गया। छात्रावास में 50 स्टूडेंट्स के लिए स्वीकृति है इनमे से 38 स्टूडेंट का हॉस्टल में नामांकन है एवं रजिस्टर चेक करने पर 25 बच्चों की उपस्थिति रजिस्टर में मिली लेकिन हॉस्टल में एक भी स्टूडेंट नहीं था। इस दौरान वॉर्डन भागचंद चौधरी से इस सम्बन्ध में जानकारी ली गई।

इसके बाद अविनाश गहलोत राजकीय अंबेडकर छात्रावास निवाई के औचक निरीक्षण पर पहुंचे। यहां उन्हें 13 छात्रों में से 4 फर्जी रूप से रहते हुए पाए गए। उन्होंने बताया कि छात्रावास अधीक्षक राजेंद्र चौधरी ने रजिस्टर में 39 बच्चों का रजिस्ट्रेशन दिखाया हुआ था। निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमिताओं की जाँच हेतु राजेन्द्र कुमार शर्मा, उप निदेशक (छात्रावास), मुख्यालय को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस दौरान मंत्री गहलोत ने छात्रावास में रसोई, शौचालय और परिसर की साफ सफाई की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।