Class-1 Admission Age: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु छह वर्ष निर्धारित करने का निर्देश दिया है। राजस्थान जैसे कुछ राज्यों में न्यूनतम उम्र पांच वर्ष से अधिक है। वहीं, कई राज्य पांच साल से कम उम्र के बच्चों को भी कक्षा एक में प्रवेश दे रहे हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे प्रवेश के लिए अपनी उम्र को नीति के अनुरूप बनाएं और छह साल या उससे अधिक उम्र में कक्षा 1 में प्रवेश दें। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy - NEP) के अनुसार, मूलभूत चरण में सभी बच्चों (3 से 8 वर्ष के बीच) के लिए पांच साल के सीखने के अवसर शामिल हैं, जिसमें तीन साल की प्री-स्कूल एजुकेशन के बाद कक्षा 1 और 2 है। इसने राज्यों को यह भी सलाह दी है कि वे अपने संबंधित क्षेत्राधिकार में प्री-स्कूल शिक्षा (डीपीएसई) पाठ्यक्रम में दो वर्षीय डिप्लोमा को डिजाइन करने और चलाने की प्रक्रिया शुरू करें। पाठ्यक्रम को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा डिजाइन किए जाने और एससीईआरटी की देखरेख में जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (DIETs) के माध्यम से चलाने या कार्यान्वित करने की उम्मीद है।
मार्च 2022 में लोकसभा में केंद्र द्वारा प्रस्तुत एक प्रतिक्रिया के अनुसार, कक्षा 1 में प्रवेश को लेकर राज्यों के बीच आयु मानदंड में बहुत फर्क है। 14 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं, छह साल से छोटे बच्चों को कक्षा 1 में प्रवेश में देते हैं। वहीं, असम, गुजरात, पुडुचेरी, तेलंगाना और लद्दाख में पांच साल के बच्चे कक्षा 1 में दाखिला ले सकते हैं। उधर, वहीं आंध्र प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, गोवा, झारखंड, कर्नाटक और केरल में कक्षा 1 में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र पांच वर्ष से अधिक है।
2022 में, केंद्र के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय विद्यालय संगठन ने कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु बढ़ाकर छह वर्ष कर दी थी। इस कदम को दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जहां इसे बरकरार रखा गया था