
कमलेश अग्रवाल / जयपुर। नरैना में 4 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और फिर तलाब में डूबाकर हत्या के मामले पर मंगलवार को राज्य सरकार ने दोषी सुरेश बलाई को फांसी की सजा देने की मांग की। जिले की पॉक्सो कोर्ट में सजा के बिंदू पर बहस करते हुए विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि ऐसा कृत्य को पशु भी नहीं करते हैंं। फांसी की सजा ही दी जानी चाहिए ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए।
वहीं बचाव पक्ष ने कहा कि दोषी ठहराए सुरेश का यह पहला अपराध है और फांसी देने से उसका पूरा परिवार बरबाद हो जाएगा। ऐसे में कोर्ट को रहम करना चाहिए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट सजा का फैसला गुरूवार को सुनाएगा।
जयपुर ग्रामीण के थाना नरैना में चार साल की मासूम के अपहरण का 12 अगस्त 2021 को मामला सामने आया था। इसके बाद तालाब में बच्ची का मृत शरीर बरामद हुआ था। मृत बालिका का पोस्टमार्टम करवाया गया तो उसमें बलात्कार कर हत्या करने का खुलासा हुआ था। नरेना व आसपास के क्षेत्र के लोग घटना के बाद आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नरैना सीएचसी पर धरना-प्रदर्शन किया था।
घटना की गंभीरता और लोगों के आक्रोश को देखते हुए जयपुर ग्रामीण एसपी ने तीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, तीन पुलिस उप अधीक्षक, लगभग 20 थानों के थानाधिकारी समेत करीब 600 पुलिसवालों कार्मिकों को लगाया गया था। पुलिस ने जांच के बाद 25 अगस्त को कोर्ट में चालान पेश किया। इसके बाद स्पेशल केस आफीसर स्कीम में मामला लिया और मामले में पैरवी के लिए विशेष लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत को नियुक्त किया।
पॉक्सो कोर्ट में 39 गवाहों के बयान करवाने के साथ ही 140 दस्तावेजों को साक्ष्य के तौर पर पेश किया। पॉक्सो कोर्ट ने दिन प्रति दिन सुनवाई करते हुए सुनवाई पूरी करते हुए 4 फरवरी को आरोपी को दोषी ठहराया था।
Published on:
08 Feb 2022 05:55 pm
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