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क्या MLA जयकृष्ण पटेल की जाएगी विधायकी? स्पीकर वासुदेव देवनानी ने दिया बड़ा बयान; जानें कायदे-कानून

राजस्थान में एंटी करेप्शन ब्यूरो (ACB) ने विधायक जयकृष्ण पटेल को रंगे हाथों 20 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
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जयपुर

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Lokendra Sainger

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Updated: 5 May 2025, 9:38 AM IST

vasudev devnani on BAP MLA

vasudev devnani on BAP MLA

MLA Jaikrishna Patel: राजस्थान में एंटी करेप्शन ब्यूरो (ACB) ने रविवार को बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल को रंगे हाथों 20 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। विधायक ने टोडाभीम के एक खनन मालिक से विधानसभा में माइंस संबंधी लगाए सवाल वापस लेने की एवज में दो करोड़ का सौदा किया था और राशि किस्तों के रूप में मांगी थी। ऐसे में चर्चा है कि भारतीय आदिवासी पार्टी के एमएलए जयकृष्ण पटेल की विधायकी जा सकती है।

गौरतलब है कि जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 8 (3) के अनुसार अगर किसी सांसद या विधायक को दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है तो तत्काल उसकी सदस्यता चली जाती है और अगले 6 साल तक चुनाव लड़ने पर भी रोक लग जाती है।

सदस्यता निरस्त को लेकर बोले देवनानी

वहीं, विधायक जयकृष्ण पटेल की विधानसभा सदस्यता को लेकर विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधायक के दोषी होने और सजा पर निर्णय कोर्ट करेगा। कोर्ट के फैसले के बाद ही नियम प्रक्रिया को देखते हुए कार्रवाई के निर्णय पर हम जाएंगे। बगैर कोर्ट के निर्णय सीधे कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। लोकतंत्र में जनता की अदालत भी एक शब्द है। यानी चुनाव में जनता फैसला करती है। हालांकि वो अलग बात है कि जेल में बैठकर भी कई लोग चुनाव जीत जाते हैं।

यह भी पढ़ें : 4 अप्रैल से ACB के रडार पर थे MLA, विधायक ने कैश को छुआ… हाथ धुलवाए तो आया कलर

विशेषाधिकार हनन, जा सकती है सदस्यता

राज्यसभा सदस्य घनश्याम तिवाड़ी ने बताया कि प्रश्न पूछकर अनुपस्थित रहना, प्रश्न पूछकर वापस लेना और प्रश्न के लिए पैसे लेना विशेषाधिकार हनन है। ऐसे मामले में प्रिविलेज कमेटी से रिपोर्ट लेने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सदस्यता समाप्त करने का निर्णय कर सकते हैं। पहले भी संसद में ऐसे उदाहरण आए हैं, जिनमें सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई की गई।

क्या है जनप्रतिनिधि कानून…

1951 में जनप्रतिनिधि की धारा 8(3) के अनुसार, अगर किसी सांसद या विधायक को दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है तो तत्काल उसकी सदस्यता चली जाती है और अगले 6 साल तक चुनाव लड़ने पर भी रोक लग जाती है। इसके तहत, दो समुदायों के बीच घृणा बढ़ाना, भ्रष्टाचार, दुष्कर्म जैसे अपराधों में दोषी ठहराए जाने पर चुनाव नहीं लड़ सकते है।

उप चुनाव में जीत पहुंचे थे विधानसभा

जयकृष्ण पटेल बांसवाड़ा जिले के बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र से भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के विधायक हैं। 4 जून 2024 को घोषित उपचुनाव परिणामों में भाजपा के सुभाष तंबोलिया को 51,434 वोटों से हराया था। यह सीट कांग्रेस विधायक महेन्द्रजीत सिंह मालवीया के कांग्रेस छोड़ भाजपा में जाने और सांसद का चुनाव लड़ने के चलते इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई थी।