प्रदेश में 28 सितंबर, 2024 को हुई समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) स्नातक में बांसवाड़ा से जयपुर में परीक्षा देने आए परीक्षार्थी हरेन दवे से जांच के नाम पर उनकी यज्ञोपवीत (जनेऊ) तक उतरवाई गई। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, टोंक फाटक, जयपुर में घटित इस धर्म-संस्कारविरोधी घटना से मेरा मन भारी आहत है। यह दु:खद आश्चर्य है कि यह घटना तब हुई है जब प्रदेश में आप जैसे व्यक्तित्व के धनी मुख्यमंत्री है, जो यज्ञोपवीत की अनिवार्यता और उसके वैदिक एवं पौराणिक महत्त्व से अवश्य ही परिचित होंगे।