12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पीटीइटी परीक्षा: विद्यार्थी ही नहीं पर्यवेक्षक भी ड्यूटी के दौरान नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल

पीटीइटी परीक्षा को लेकर इस बार परीक्षार्थी ही नहीं बल्कि पर्यवेक्षकों पर भी सख्ती की गई है।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Savita Vyas

May 12, 2018

exam


महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय अजमेर की ओर से पीटीइटी परीक्षा रविवार को आयोजित की जाएगी। परीक्षा को लेकर इस बार परीक्षार्थियों ही नहीं बल्कि पर्यवेक्षकों पर भी सख्ती की गई है। जिससे नकल की किसी भी आशंका से बचा जा सके। परीक्षा के दौरान विद्यार्थी ही नहीं बल्कि ड्यूटी पर लगे पर्यवेक्षक भी मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर सकेंगे। उन्हें भी मोबाइल स्वीच ऑफ करके जमा करवाना होगा। इसके साथ ही प्रवेश से पहले विद्यार्थियों की सख्त तलाशी ली जाएगी। वहीं उडऩदस्ते परीक्षा केंद्रों पर नजर रखेंगे। दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम व चार वर्षीय इंट्रीग्रेटेड बीए-बीएड व बीए-बीएससी के लिए एंट्रेस टेस्ट दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक होगा। परीक्षा के लिए सभी जिला मुख्यालयों पर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में करीब 3.50 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जो प्रदेशभर में एक लाख शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की सीट के लिए यह परीक्षा देंगे। परीक्षा में इस बार सुरक्षा को लेकर पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। प्रश्न पत्र खुलने से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक मोबाइल के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है। हालांकि पर्यवेक्षक अपने परिजनों को केंद्र का व केंद्राधीक्षक का नंबर दे सकेंगे, जिससे किसी भी प्रकार की इमरजेंसी में वह उस नंबर से बात कर सकेंगे।

देना होगा प्रमाण—पत्र
परीक्षा ड्यूटी कर रह पर्यवेक्षकों को परीक्षा समाप्ति के बाद प्रमाण—पत्र देना होगा कि उन्होंनें परीक्षा पूरी होने तक मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं किया है। वहीं परीक्षार्थी की प्रवेश से पहले पुलिसकर्मी जांच करेंगे। इसके बाद परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले तलाशी ली जाएगी। परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थी पेन, प्रवेश पत्र, आइडी लेकर ही प्रवेश कर सकेंगे। परीक्षार्थी को प्रवेश के समय ऑरिजनल आइडी प्रूफ दिखाना होगा। इसके बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा कक्षों में नकल रोकने के लिए भी पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई है।