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पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश में खपाए जा रहे राजस्थान से चोरी मोबाइल, सरगना सहित 5 गिरफ्तार

Mobile stolen from Rajasthan: राजस्थान अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय मोबाइल चोरों का अडडा बन गया है। यहां दूसरे राज्यों से सरगना अपने गैंग के साथ आ रहे हैं और फिर भीड़ भाड़ इलाकों से मोबाइल उड़ा रहे हैं। फिर चाहे वह कोई जलसा हो या पर्यटन स्थल। किसी राजनीतिक पार्टी की नारेबाजी हो या फिर कोई धरना प्रदर्शन। अजमेर पुलिस ने इस बात का खुलासा किया है। अजमेर पुलिस ने ऐसे मोबाइल चोर गैंग का खुलासा किया है जो कि मोबाइल चोरी के लिए झारखंड से यहां आता है और फिर भीड़भाड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देता है। इसके बाद यहां से सभी मोबाइल को ले जाकर बांग्लादेश बार्डर के निकट पश्चिम बंगाल के इलाकों में बेंच दिया जाता है।

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Mobile stolen from Rajasthan: राजस्थान अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय मोबाइल चोरों का अडडा बन गया है। यहां दूसरे राज्यों से सरगना अपने गैंग के साथ आ रहे हैं और फिर भीड़ भाड़ इलाकों से मोबाइल उड़ा रहे हैं। फिर चाहे वह कोई जलसा हो या पर्यटन स्थल। किसी राजनीतिक पार्टी की नारेबाजी हो या फिर कोई धरना प्रदर्शन। अजमेर पुलिस ने इस बात का खुलासा किया है। अजमेर पुलिस ने ऐसे मोबाइल चोर गैंग का खुलासा किया है जो कि मोबाइल चोरी के लिए झारखंड से यहां आता है और फिर भीड़भाड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देता है। इसके बाद यहां से सभी मोबाइल को ले जाकर बांग्लादेश बार्डर के निकट पश्चिम बंगाल के इलाकों में बेंच दिया जाता है।

ऐसे खुली चोरी
एक प्रदर्शन में अजमेर के डिप्टी मेयर का मोबाइल चोरी हो गया। यह घटना बाकायदा एक कैमरे में रिकार्ड हो गई। ऐसे में जब पुलिस सक्रिय हुई तो यह पूरी स्थिति निकलकर सामने आई। जैन समाज की महारैली में भीड़-भाड़ के दौरान नगर निगम के डिप्टी मेयर नीरज जैन का मोबाइल चोरी हो गया। तलाश भी किया लेकिन नहीं मिला। सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कराया है। इसके बाद जब पुलिस पीछे पड़ी तो पूरी घटना खुली।


ट्रैक न हो इसलिए बांग्लादेश में बेचा जा रहे फोन
राजस्थान का सारे फोन जो चोरी हो रहे हैं वह बांग्लादेश में बेंचे जा रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है जिससे की मोबाइल को ट्रैक न किया जा सके। जब तक दूसरे देश की सरकार अनुमति नहीं दे देती, आईएमईआई से वहां मोबाइल ट्रैक नहीं कर सकते। इस तकनीकी खामी का फायदा उठाकर चोरी के मोबाइल बांग्लादेश में बेचे जाते हैं। मोबाइल ट्रैक करने के लिए इंटरपोल की मदद लेनी होती है। मोबाइल चोरी के छोटे मामलों में यह संभव नहीं है।

सरगना सहित पांच गिरफ्तार, 20 लाख का मोबाइल बरामद
अजमेर पुलिस ने 5 युवकों को गिरफ्तार कर करीब 20 लाख रुपए कीमत के 69 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें 1-1 लाख रुपए कीमत के 9 आईफोन भी शामिल हैं। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एसपी चूनाराम जाट के निर्देश पर पुलिस टीम ने डिप्टी मेयर का मोबाइल चुराने वाले नाबालिग को भी डिटेन कर मोबाइल बरामद कर लिया।

राजस्थान में सक्रिय है कई गैंग
पूछताछ में यह भी सामने आया कि सिर्फ यही गैंग नहीं बल्कि मोबाइल चोरों की दूसरी गैंग भी चोरी की मोबाइल बांग्लादेश में बेचती हैं। गिरफ्तार शातिरों से प्रारंभिक पूछताछ में ये पता चला है कि बांग्लादेश बॉर्डर के निकट ऐसे कई एजेंट सक्रिय हैं। जो बल्क में चोरी के मोबाइल की खरीद फरोख्त करते हैं। आरोपी बस स्टैंड के पीछे डीआरएम ऑफिस के पास से पकड़े गए हैं। जिला पुलिस की डीएसटी और साइबर सैल की मदद से आरोपियों की धरपकड़ की गई है।

ये है मोबाइल चोरी गैंग
झारखंड धनबाद स्थित शिजवा जुक्ता निवासी संजय कुमार नौनिया पुत्र सुखदेन कुर्मी, नया टोला निवासी रामदर्शन कुर्मी पुत्र जंगली महतो, साहेबगंज महाराजपुर निवासी गोपाल कुमार मेहतो पुत्र राजकुमार, जगदीश मेहतो पुत्र रामप्रसाद और मीना बाजार महाराजपुर निवासी पवन कुमार यादव पुत्र शिव कुमार को गिरफ्तार किया गया है।