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बांधों ने बढ़ाई चिंता, पिछले साल से कमजोर पड़ा मानसून

राजस्थान में कमजोर पड़ते मानसून ने बांधों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के दो दौर निकल चुके हैं और बांधों में पानी की आवक पिछले साल के मुकाबले कम हुई है।

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13 जिलों में कल से फिर शुरू होगी झमाझम बारिश।

13 जिलों में कल से फिर शुरू होगी झमाझम बारिश।

जयपुर। राजस्थान में कमजोर पड़ते मानसून ने बांधों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के दो दौर निकल चुके हैं और बांधों में पानी की आवक पिछले साल के मुकाबले कम हुई है। प्रदेश के जोधपुर संभाग की हालत लगातार खराब हो रही है, यहां बांधों में मात्र 4.7 प्रतिशत पानी की बचा है। उधर, पेयजल आपूर्ति से जुड़े बांधों में जरूरत के मुताबिक पानी की आवक नहीं होती है तो निश्चित तौर पर राशनिंग (कटौती) करनी पड़ सकती है।

प्रदेश में पहले दौर के मानसून ने झमाझम की थी और लग रहा था कि दो साल से सूखे पड़े बांधों में भी पानी की आवक होकर लबालब हो जाएंगे। कुछ हद तक ऐसा हुआ भी, लेकिन उन्हीं बांधों में पानी की आवक लगातार बढ़ती गई, जिनमें पहले से पानी था। पहला दौर निकला तो जल संसाधन विभाग ने जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के आंकड़े जारी किए, जिनमें केवल जोधपुर ही पिछले मानसून से पीछे चल रहा था और माना जाता रहा कि दूसरे दौर की बारिश में वह भी आगे निकल जाएगा। लेकिन दूसरा दौर खत्म हो चुका है और अब जोधपुर और उदयपुर पीछे हो गए, जबकि जयपुर संभाग के बांधों में अब तक हुई बारिश पिछले साल के मुकाबले बराबरी पर आ खड़ी हुई है। आगे बारिश नहीं होगी तो जयपुर संभाग के बांधों का जलस्तर भी लगातार घटता चला जाएगा।

तो घटानी पड़ेगी बीसलपुर से जलापूर्ति
जयपुर और अजमेर की जलापूर्ति बीसलपुर बांध पर टीकी हुई है और इस मानसून अभी तक बांध में पानी की आवक धीमी गति से हो रही है। जलदाय विभाग 10 सितंबर तक बांध में पानी की स्थिति का आंकलन करने के बाद पानी की राशनिंग करने की योजना बनाएगा। बताया जा रहा है कि बांध में पानी की आवक नहीं बढ़ती है तो सर्दियों में 30 से 40 प्रतिशत यानि अक्टूबर से मार्च तक जमकर कटौती की जाएगी। मार्च के बाद 20 प्रतिशत तक कटौती कर जलापूर्ति की जाएगी। हालाकि पिछले साल भी बांध में अक्टूबर तक पानी की आवक हुई थी और इस साल भी उम्मीद है कि सितंबर में पानी की आवक होगी। जलदाय विभाग की माने तो बांध का जलस्तर वर्तमान में 310.74 आरएल मीटर है, जो इस मानसून 310.82 मीटर तक पहुंचा था।

राजस्थान के बड़े बांधों की वर्तमान स्थिति
प्रदेश के बड़े बांधों की बात की जाए तो कुल भराव क्षमता 12626.32 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमक्यूएम) है। जबकि वर्तमान जलस्तर 7305.98 एमक्यूएम है, जो कुल भराव का 57.86 प्रतिशत है। पिछले साल अब तक की बारिश की बात की जाए तो कुल भराव क्षमता के मुकाबले 7445.44 एमक्यूएम था जो कुल भराव क्षमता का 58.97 प्रतिशत था।

एक पखवाड़े में बदला आंकड़ा
राजस्थान में इस मानसून की बात की जाए तो 9 अगस्त तक प्रदेश के बड़े बांधों में पिछले साल के मुकाबले 12.73 प्रतिशत पानी ज्यादा था। उस दौरान प्रदेश के बड़े बांधों में कुल भराव का 54.83 प्रतिशत पानी था, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 42.10 प्रतिशत पर था। एक पखवाड़े के दौरान की आंकड़ा बदल गया और 24 अगस्त को जलस्तर की स्थिति 1.11 प्रतिशत कम हो गया है।

अब तक खाली हैं 279 बांध
राजस्थान में हुई झमाझम बारिश के बाद प्रदेश में सूखे पड़े करीब 150 बांधों में पानी की आवक हुई है। लेकिन अफसोस इस बात का भी है कि अब तक 297 बांध सूखे पड़े हैं। कुल बांधों की बात करें तो प्रदेश में 4.25 एमक्यूएम से अधिक और कम क्षमता के कुल 727 बांध हैं।