Advisory for Schools: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी स्कूलों को भारी बारिश से बचाव के सख्त निर्देश जारी किए हैं। जानिए शिक्षकों को क्या करना होगा-
जयपुर। राजस्थान में आगामी भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्यभर के स्कूलों के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूल भवनों की सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कमजोर या जर्जर भवनों में किसी भी प्रकार की शिक्षण गतिविधि को प्रतिबंधित किया गया है।
माध्यमिक शिक्षा कार्यालय की तरफ से जारी निर्देशों में कहा गया है कि स्कूल प्राचार्य विद्यार्थियों को स्कूल के पास जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की हिदायत दें। यदि छात्र के घर से स्कूल तक के रास्ते में जलभराव होता है, तो उन्हें वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी जाए।
तालाब, बावड़ी, झरने, झील या किसी जलभराव वाली जगह पर छात्रों को जाने से रोका जाए। ऐसे स्थानों पर शैक्षणिक भ्रमण या पिकनिक आयोजित न की जाए। छोटे बच्चों को किसी भी स्कूल के बेसमेंट (तहखाने) में बैठाने से परहेज किया जाए। यदि बेसमेंट का उपयोग जरूरी हो, तो वहां जल निकासी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई दुर्घटना न हो।
यदि किसी कक्षा की छत टपक रही है या क्षतिग्रस्त है, तो उस कक्षा का उपयोग छात्रों/शिक्षकों के बैठने के लिए नहीं किया जाए। सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि छतों की नियमित सफाई, जमे पानी की निकासी, जाम नालियों की सफाई और टूटी पाइपों की मरम्मत समय-समय पर की जाए, ताकि छतों पर जलभराव न हो।
किसी भी आपदा या भारी बारिश की स्थिति में स्कूलों को नजदीकी अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस स्टेशन और फायर स्टेशन की सूची तैयार कर उसे नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे छात्रों की उपस्थिति को लेकर सतर्क रहें और अनुपस्थित छात्रों की जानकारी रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क किया जा सके।
यह एडवाइजरी बच्चों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तत्परता को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों से अपेक्षा की गई है कि वे इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें ताकि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।