
फाइल फोटो
जयपुर। वागड़ के दिग्गज नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय जल्द ही भाजपा छोड़कर फिर से कांग्रेस में लौटने जा रहे हैं। मालवीय ने हाल ही में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली से मुलाकात कर घर वापसी की इच्छा जताई है।
मालवीय विधानसभा चुनाव में बागीदौरा सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे। चुनाव जीतने के कुछ महीने बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा ज्वॉइन कर ली थी। भाजपा ने उन्हें लोकसभा चुनाव में डूंगरपुर-बांसवाड़ा सीट से प्रत्याशी बनाया, लेकिन वे बीएपी नेता राजकुमार रोत से चुनाव हार गए। लोकसभा चुनाव के बाद से वे राजनीतिक रूप से सक्रिय नहीं थे और अब दो साल के भीतर ही पुनः कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी में हैं।
मालवीय ने कांग्रेस नेताओं से मुलाकात के दौरान कहा कि वागड़ और आदिवासी क्षेत्र में जनता कांग्रेस को स्वीकार करती है और क्षेत्र के कार्यकर्ता भी कांग्रेस के साथ सहज महसूस करते हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन की बात की गई थी, लेकिन पार्टी रास नहीं आई।
भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए मालवीय ने कहा कि सत्ता में रहते हुए भी वे जनता के काम नहीं करा पा रहे थे। गरीबों की सुनवाई नहीं हो रही और किसानों को खाद तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि कई बार मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष को पत्र लिखने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। कांग्रेस में वापसी की घोषणा के दौरान बांसवाड़ा क्षेत्र के तीनों कांग्रेस विधायक नानालाल निनामा, अर्जुन बामणिया और रमिला खड़िया भी मौजूद रहे।
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इधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पुष्टि की कि उन्हें मालवीय का पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस छोड़ना ऐतिहासिक भूल बताया है। मालवीय ने लिखा है कि कांग्रेस ने हमेशा मान-सम्मान दिया, जबकि भाजपा में उनका दम घुट रहा था और वे वहां एक क्षण भी नहीं रहना चाहते। डोटासरा ने कहा कि मामला अनुशासन समिति के समक्ष जाएगा और रिपोर्ट के बाद प्रदेश प्रभारी के जरिए आलाकमान निर्णय करेगा।
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Updated on:
11 Jan 2026 07:51 pm
Published on:
11 Jan 2026 04:44 pm
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