
Ashok Gehlot and Bhajanlal Sharma (Patrika Photo)
जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अरावली पर्वत श्रृंखला को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अरावली क्षेत्र में जमकर दोहन हुआ और भाटा तथा रेता तक नहीं छोड़ा गया।
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि साल 2002-03 और 2009-10 में अरावली की परिभाषा किसने बदली और इस क्षेत्र में कितने खनन पट्टे जारी किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता आज केवल झूठे आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साफ कहा कि वर्तमान सरकार अरावली के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को अफवाह फैलाने के अलावा कुछ नहीं आता।
जब केंद्र सरकार नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लेकर आई, तब कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया और लोगों को गुमराह किया। लेकिन हमारी सरकार ने इसे लागू कर दिखाया। विस्थापितों को पट्टे भी दिए गए हैं, जो कांग्रेस के आरोपों की सच्चाई उजागर करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता बार-बार यह कहकर डर फैलाते हैं कि संविधान बदल दिया जाएगा। वे एसआईआर जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस घुसपैठियों के समर्थन में खड़ी है। भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट कहा कि उनकी सरकार एक भी घुसपैठिए को प्रदेश में रहने नहीं देगी और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर सीधा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अब “ट्विट मास्टर” बन गए हैं। उन्होंने कहा कि गहलोत का जादू अब नहीं चलने वाला है। जो बोया है, वही काटना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “न खाऊंगा और न खाने दूंगा” के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि अगर किसी ने भ्रष्टाचार किया है तो उससे वसूली भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण और कानून के राज के लिए प्रतिबद्ध है और अरावली की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
Updated on:
27 Dec 2025 11:47 am
Published on:
27 Dec 2025 11:47 am
