प्रदेश में बीते सप्ताह हुई बेमौसम हुई बारिश के साथ ही मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। रात के पारे में जहां पांच से छह डिग्री की गिरावट बीते सात दिनों में हुई, तो वहीं मानसून के बाद पोस्ट बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसलें पक चुकी हैं और कटाई का दौर चल रहा है।
जयपुर। प्रदेश में बीते सप्ताह हुई बेमौसम हुई बारिश के साथ ही मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। रात के पारे में जहां पांच से छह डिग्री की गिरावट बीते सात दिनों में हुई, तो वहीं मानसून के बाद पोस्ट बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसलें पक चुकी हैं और कटाई का दौर चल रहा है। ऐसे में बारिश से फसलों में नुकसान हो चुका है। हालांकि प्रदेश में फिलहाल सात दिनों तक कोई नया मौसमी तंत्र स क्रिय नहीं होने के आसार हैं।
मामूली बढ़ सकता है तापमान
मौसम में अब सुबह और शाम गुलाबी सर्दी का अहसास होने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार से प्रदेश में पश्चिमी हवाओं का असर बढ़ने लगेगा और तापमान में मामूली बढ़ोतरी होगी।पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर, संभाग के जिलों में अब वेस्टर्न विंड (पश्चिमी हवाएं) एक्टिव होने लगी हैं, जिससे इन संभागों के जिलों में मौसम शुष्क रहने लगेगा। आने वाले तीन दिनों में इन वेस्टर्न विंड का असर राज्य के पूर्वी हिस्सों तक बढ़ जाएगा, जिससे राज्य में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा।
मानसून की विदाई के बाद भी अच्छी बारिश
राजस्थान में पोस्ट मानसून में इस बार बारिश अच्छी हुई। यही कारण रहा कि इस बार अक्टूबर में अब तक सामान्य से 443 फीसदी ज्यादा बरसात हुई है। अमूमन 10 अक्टूबर तक पूरे राज्य में औसत 5.7 एमएम बारिश होती है, लेकिन इस बार 31 एमएम बारिश अब तक हो चुकी है। सबसे ज्यादा बारिश करौली जिले में हुई जहां 170.8 एमएम बारिश हुई, जो औसत बरसात 6.8 एमएम से कई गुना अधिक है। बाड़मेर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ और जैसलमेर में इस महीने में बिल्कुल बारिश नहीं हुई।