राजधानी जयपुर में डेंगू के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे है।
मनीष चतुर्वेदी
जयपुर। प्रदेश में मानसून के साथ ही कई स्थानों पर अच्छी बारिश हुई। हालांकि अब बारिश पहले जैसी नहीं हो रही है। कभी कभार बारिश हो रही है। लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश के कारण जमा गंदगी व पानी के कारण मच्छरों की भरमार हो गई है। जिसकी वजह से डेंगू—मलेरिया व चिकनगुनिया के मामले बढ़े है। डेंगू के मरीज बढ़ने के साथ ही जयपुर के सरकारी हॉस्पिटलों के ब्लड बैंक में ब्लड और खासकर प्लेटलेट्स की भी कमी होने लगी है। जयपुर में 2 और टोंक-झुंझुनूं में एक-एक मरीज की मौत हुई है।
राजधानी जयपुर डेंगू का हॉट स्पॉट बन चुकी है। जहां डेंगू के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे है। जयपुर में भी अगर शहरी क्षेत्र को देंखे तो परकोटा यानी चारदीवारी का इलाके में सबसे ज्यादा डेंगू के मरीज सामने आए है। एक अगस्त से 25 अगस्त तक की चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट बताती है कि जयपुर जिले में कुल 302 डेंगू के मरीज मिले है। जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। जयपुर में शहरी क्षेत्र के आंकड़ों पर नजर डाले तो सामने आता है कि सबसे ज्यादा डेंगू के 27 मरीज परकोटे के क्षेत्र में मिले है। इसके बाद वैशाली नगर—सोडाला व अजमेर रोड पर 26 मरीज मिले है।
इसके अलावा शास्त्री नगर में 5, गांधीनगर में 8, सिविल लांइस में 5, झोटवाड़ा में 15, विद्याधर नगर में 3, मुरलीपुरा में 6, राजापार्क में 6, टोंक रोड पर 6, मानसरोवर में 7, मालवीय नगर में 6, जगतपुरा में 6, दुर्गापुरा में 2 डेंगू के मरीज मिले है। वहीं चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आगरा रोड व प्रताप नगर में डेंगू के केस नहीं मिले है।
इसके अलावा जयपुर ग्रामीण में नजर डाले तो सबसे ज्यादा डेंगू के 39 मरीज विराटनगर में मिले है। इसके बाद 32 मरीज कोटपूतली में मिले है। हालात यह है कि चिकित्सा विभाग की 4 अगस्त से 24 अगस्त तक की रिपोर्ट के मुताबित राज्य में 20 दिन के अंदर डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया केस दो गुने हो गए। इसमें सबसे ज्यादा मरीज डेंगू के हैं। चार डेंगू के मरीजों की मौत भी हो चुकी है।