30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मोती डूंगरी के गजानंद: यहां नई गाड़ियों की होती है पूजा, चढ़ाए जाते है बड़े बड़े लड्डू

मोतीडूंगरी की तलहटी में भगवान गणेश का ये मंदिर आस्था और चमत्कार का केंद्र माना जाता है। देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु आते है

2 min read
Google source verification
ganesh.jpeg

जयपुर का मोती डूंगरी मंदिर अपनी अलग पहचान के साथ विख्यात है, यहां गजानंद के दर्शन करने देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु आते है।

मोतीडूंगरी की तलहटी में भगवान गणेश का ये मंदिर आस्था और चमत्कार का केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां स्थापित भगवान गणेश कि प्रतिमा जयपुर नरेश माधोसिंह प्रथम की पटरानी के पीहर मावली से सन् 1761 में लाई गई थी। उस समय यह प्रतिमा 500 वर्ष पुरानी थी और आज की तारीख में यह प्रतिमा 760 साल पुरानी मानी जाती है। उस समय नगर सेठ पल्लीवाल ये मूर्ति लेकर आए थे और उन्हीं की देख-रेख में मोती डूंगरी की तलहटी में इस मंदिर को बनवाया गया था।

यह भी पढ़ें : SriGanganagar मोती डूंगरी की तर्ज पर बना मनोकामना सिद्धि गणेश मंदिर

चढ़ाया जाता है लाल रंग का चोला
यहां एकदन्त को लाल रंग का चोला भी चढ़ाया जाता है और उनका आकर्षक श्रृंगार भी होता है।

सवा लाख लड्डुओं का लगाया भोग
मोती डूंगरी में 9 दिनों के पर्व शुरुआत भगवान गणेश को सवा लाख मोदकों का भोग लगाकर की जाती है।

यह भी पढ़ें : गणपति के लगा सवा लाख मोदकों का भोग

अपनी नई गाड़ी की पूजा के लिए यहां दूर-दूर से लोग आते है
विनायक के मंदिर में लोग अपनी नई गाड़ी की पूजा कराना बेहद शुभ मानते है और बुधवार के दिन यहां का नजारा कुछ अलग ही रहता है ऐसा माना जाता है कि मोती डूंगरी में पूजा कराने से क दुर्घटना नहीं होती है।

Story Loader