
नई दिल्ली। मुंबई डब्बावाला फेम, इंटरनेशनल मोटिवेशनल स्पीकर, लेखक और शिक्षाविद डॉ. पवन अग्रवाल ने गुरुवार को एशिया पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (एआईएम) को छात्रों को प्रबंधन (मैनेजमेंट) के गुर सिखाए। इस मौके पर डा. अग्रवाल ने छात्रों को अपने लक्ष्य के लिए डेडिकेशन के साथ निरंतर प्रयासरत रहने को कहा।
डॉ. पवन अग्रवाल ने कहा, हमें पैकेज के बजाय काम पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने छात्रों के संबोधन में कहा कि किस तरह मुंबई डब्बावाला पिछले 127 सालों से बिना किसी रोक-टोक के आंधी-तूफान और भीड़-भाड़ के साथ-साथ धक्का-मुक्की के लिए मशहूर मुंबई के लोकल ट्रेन में भी अपना काम निरंतर करते आ रहे हैं। यही कारण है कि मुंबई डब्बावाला को आज सिक्स सिग्मा से सम्मानित किया जा चुका है। एआईएम के चेयरमैन एके श्रीवास्तव ने बताया कि डॉ अग्रवाल के दिए गए टिप्स और नेतृत्व कौशल प्रबंधन के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है।
इस मौके पर एआईएम के डायरेक्टर डा. एसपी चौहान और एआईएम की डीन डा. सुरभी गोयल कहा कि डा. अग्रवाल के आने से बच्चों में यह संदेश गया है कि कस्टमर एक भगवान होता है और मैनेजमेंट के छात्रों के लिए यह बहुत जरूरी है।
डॉ अग्रवाल ने देश-दुनिया में कई सारे मोटिवेशनल सत्रों को संबोधित किया है। इन सबों में सबसे महान परिवर्तन मुंबई डब्बावालों की डिलीवरी के बारे में है। उनके क्लाइंट में तकरीबन 500 कंपनियां हैं जिनमें प्रमुख रूप से टेड एक्स, कैडबरी, एसएपी, वोल्वो, होंडा, डेल, आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, बॉश, आईआईएम, आईआईटी और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी जैसे शीर्ष शैक्षणिक संस्थान भी शामिल हैं। वह पूरे भारत में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और स्कूलों के सह-संस्थापक भी हैं।
कक्षा में मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे शिक्षक
चंडीगढ़। हरियाणा में शिक्षा विभाग ने गुरुवार को घोषणा की कि शिक्षकों को मोबाइल फोन कक्षा में ले जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। शिक्षा विभाग द्वारा जारी हालिया दिशा-निर्देश में कहा गया है कि शिक्षक और स्कूल के प्रमुख यदि मोबाइल का कक्षा में इस्तेमाल करते हैं, तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
दिशा निर्देश को रेखांकित करते हुए एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि अब से कोई शिक्षक कक्षा में मोबाइल फोन नहीं ले जाएगा। दिशा निर्देश में कहा गया, इसे स्टाफ रूम या स्कूल के प्रमुख द्वारा निर्धारित जगह पर रखा जाएगा। स्कूल के प्रमुख सेल फोन के रखे जाने का किसी को प्रभार दे सकते हैं। स्कूल के प्रमुख या स्टाफ रूम या लिपिक या किसी अन्य कर्मचारी को इसका प्रभार दिया जा सकता है।
प्रवक्ता ने कहा कि यदि कुछ अपरिहार्य कारणों से या मोबाइल फोन की अकादमिक इस्तेमाल की जरूरत है तो इसके लिए स्कूल के प्रमुख से पहले से इजाजत लेनी होगी। इसके लिए क ारण **** रजिस्टर में रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा।

Published on:
05 Aug 2017 09:25 am

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