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मोबाइल टावरों पर टैक्स वसूलेगा निगम, अब मनमर्जी से नहीं खोद पाएंगे सडकें

बेतरतीब सडक़ खुदाई करने वालों पर कसेगा शिकंजा, निगम की वित्त समिति ने लगाई मुहर

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jaipur

मोबाइल टावरों पर टैक्स वसूलेगा निगम, अब मनमर्जी से नहीं खोद पाएंगे सडकें

जयपुर. केबल व अन्य लाइन डालने के नाम पर शहर में बेतरतीब खुदाई करने वालों के खिलाफ अब नगर निगम को सख्ती दिखाने की याद आई है। इसके तहत निगम पहली बार में सिर्फ 2 किमी. में लाइन डालने की अनुमति देगा। फिर कार्य सही होने पर आगे की अनुमति मिलेगी। शहर में अब तक जितनी भी भूमिगत लाइनें और केबल डाली है, उसकी संबंधित विभाग और कंपनी को नक्शा तैयार कर उसकी डिजिटल रिकॉर्ड की सॉफ्ट और हार्ड कॉपी भी निगम में जमा करानी होगी। निगम मुख्यालय में शुक्रवार को हुई वित्त समिति की बैठक में इस समेत कई प्रस्ताव पास किए गए।

निगम से अनुमति जरूरी

आए दिन सडकों पर लाइनें डालने के लिए सडकों की खुदाई आम बात हो गई थी, लेकिन अब इसको लेकर निगम ने थोडी सख्ती दिखाते हुए एक नया फरमान सुना दिया है। यदि ठीक से इसकी मॉनिटरिंग की गई तो यह फरमान काफी फायदेमंद हो सकता है। इसके तहत अपने परिधि क्षेत्र के अलावा जेडीए या आवासन मंडल के एरिया में भी भूमिगत लाइन डाली गई तो भी निगम से अनुमति लेनी होगी।

मोबाइल टावरों की होगी गिनती

शहरभर में जगह-जगह मोबाइल टावरों की बढती संख्या को देखते हुए निगम की ओर से जल्द ही उनकी गिनती शुरू की जाएगी। मोबाइल टावरों की गिनती हो जाने के बाद सभी टावरों पर निगम की ओर से ही कर वसूला जाएगा। फिर वहां की डीएलसी दर के अनुसार निर्धारित राशि अलग से जमा करवानी होगी। कई एजेंसियों की ओर से भूमिगत केबल के मामलों में रोडकट की राशि के अलावा रनिंग फीट के आधार पर डीएलसी दर के अनुसार अतिरिक्त राशि जमा करानी होगी। इससे पहले तक मोबाइल कंपनी के टावर अपनी छतों पर लगाकर लोग कमाई करने में लगे हुए थे। एक ही छत पर कई कंपनियों के टावर लगाकर मोटी कमाई कर रहे थे। अब उन्हें उसमें से निगम को भी भुगतान करना पडेगा।