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सबसे हाइटेक है नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेस-वे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को सबसे हाइ-टेक नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेस-वे के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। यह देश का पहला ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे है। इसके दोनों तरफ इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग सुविधा है। बारिश के पानी के संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था है। दुर्घनाएं रोकने के लिए सड़क के दोनों तरफ सुरक्षा दीवार बनाई गई है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को सबसे हाइ-टेक नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेस-वे के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। यह देश का पहला ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे है। इसके दोनों तरफ इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग सुविधा है। बारिश के पानी के संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था है। दुर्घनाएं रोकने के लिए सड़क के दोनों तरफ सुरक्षा दीवार बनाई गई है।

इसे बनाने में प्रकृति का भी ध्यान रखा गया है। जानवरों की आवाजाही के लिए 17 अंडरपास और नौ हरित पुल बनाए गए हैं। यातायात नियंत्रण के लिए इस पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) लगाया गया है। उद्घाटन के बाद नागपुर-शिर्डी (500 किमी) के बीच यातायात बहाल हो जाएगा। देश की संतरा नगरी से ही पीएम मोदी नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। समूचे विदर्भ की चिकित्सकीय जरूरतें पूरी करने के लिए बनाए गए एम्स हॉस्पिटल राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

नागपुर मेट्रो रेल के पहले चरण का उद्घाटन व दूसरे चरण के प्रोजेक्ट की आधारशिला भी रखेंगे। पीएम मोदी कुल मिला कर 75 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स का लोकापर्ण व शिलान्यास करेंगे। एनएसजी कमांडो के अलावा प्रधानमंत्री की सुरक्षा में पुलिस के 4000 जवान तैनात रहेंगे। महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को दावा कि एक्सप्रेस-वे का बाकी काम अगले छह माह में पूरा होगा। इसे बालासाहेब ठाकरे समृद्धि महामार्ग नाम दिया गया है।

पिछड़े इलाकों में आएगी समृद्धि
फडणवीस ने बताया कि एक्सप्रेस वे राज्य के अमरावती, औरंगाबाद, नासिक सहित 10 जिलों, 26 तहसीलों और 392 गांवों से गुजरेगा। आर्थिक राजधानी से जुडऩे के बाद विकास की दौड़ में पिछड़े मराठवाड़ा और विदर्भ में भी समृद्धि आएगी। 120 मीटर चौड़े मार्ग को बनाने की लागत ५५ हजार करोड़ रुपए है। तैयार होने के बाद नागपुर से मुंबई की दूरी आठ से नौ घंटे में तय होगी। यह सफर फिलहाल 13 से 15 घंटे में पूरा होता है। इस पर छोटे-बड़े कुल 300 पुल और 54 फ्लाइओवर होंगे।

इंटरचेंज के पास सोलर प्लांट
समृद्धि मार्ग से आसपास के 14 और जिले कनेक्ट किए जाएंगे। इसके इंटरचेंज कके पास 30 से 40 हेक्टेयर में सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इससे 161 मेगावट बिजली पैदा होगी। इसे 150 किमी/घंटे के रफ्तार के हिसाब से डिजाइन किया गया है। पहाड़ी इलाकों के लिए 100 किमी/घंटे व मैदानी क्षेत्रों में 120 किमी/घंटे की स्पीड लिमिट तय की गई है। नागपुर से शिर्डी पहुंचने में पांच घंटे लगेंगे, जिसके लिए 900 रुपए टोल चुकाना होगा।

सबसे चौड़ी सुरंग
समृद्धि एक्सप्रेस-वे पर छह सुरंगें हैं। इनमें देश की सबसे चौड़ी सुरंग (35 मीटर) नासिक व ठाणे जिले के बीच इगतपुरी के पास बनाई जा रही है। इसकी लंबाई 7.74 किमी है। इसके तैयार होने के बाद वाहन कसारा घाट पांच-छह मिनट में पार कर लेंगे। इस घाट को पार करने में वाहनों को कम से कम आधा घंटे लगते हैं।