13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में पहली बार मादा मगरमच्छ ने दी खुशखबरी, इस साल दूसरी मादा भी उम्मीद से

-10 नन्हें मेहमानों के आने से मगरमच्छों का कुनबा बढ़कर हुआ 19-दिल्ली जू से एक्सजेंच ऑफर में भेजे गए 2 नर और 4 मादा मगरमच्छ-नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में लगभग सभी प्रजातियों की ब्रीडिंग में सफलता

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Mohmad Imran

May 18, 2023

राजस्थान में पहली बार मादा मगरमच्छ ने दी खुशखबरी, इस साल दूसरी मादा भी उम्मीद से

राजस्थान में पहली बार मादा मगरमच्छ ने दी खुशखबरी, इस साल दूसरी मादा भी उम्मीद से

जयपुर। रामनिवास बाग स्थित जू से नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में शिफ्ट होने के बाद जू के मगरमच्छों के परिवार को नए मेहमानों की आमद ने गुलजार कर दिया है। राजस्थान में पहली बार किसी जू में मगरमच्छों में ब्रीडिंग हुई है। बीते साल अगस्त-सितंबर में यहां की एक उम्रदराज मादा मगर ने 10 अंडे दिए जिनसे निकले 10 बच्चों ने अधिकारियों और सैलानियों के

चेहरे पर खुशी ला दी है।

बाड़े को री-डिजाइन कर पाई सफलता
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविन्द गुप्ता ने बताया कि रामनिवास बाग में काफी प्रयासों के बाद भी मगरमच्छों की ब्रीडिंग में सफलता में नहीं मिली। नाहरगढ़ जैविक उद्यान में लाए जाने के बाद उनकी टीम ने पूरे बाड़े को री-डिजाइन किया। मगरमच्छों के प्रजनन के लिए जरूरी सभी जरूरी शर्तों के मुताबिक नए सिरे से एन्क्लोजर तैयार किया गया। बजरी (सॉफ्ट सोइल) का इस्तेमाल कर टीले और अंडों को भूमिगत रूप से सेहने के लिए माहौल बनाया, क्योंकि मगरमच्छ अंडों को मिट्टी में दबाकर बच्चों के निकलने का इंतजार करते हैं। सभी युवा मगरमच्छों को मेडिसिन, विटामिन, मिनरल्स सप्लीमेंट्स, विटामिन एडी3, विटामिन ई, ओमिनो एसिड, कैल्शियम, हर तीन महीने में डिवॉर्मिंग किया और बिल्कुल जंगल सा शांत वातावरण दिया गया। मगरमच्छों के पोंड में साप्ताहिक सफाई कर एंटी-बैक्टीरियल मेडिसिन डालते थे। अंडों से बच्चों के बाहर आने में करीब 100 दिन का समय लगता है। इस साल एक अन्य मादा के भी अंडे देने की उम्मीद है। पिछले साल अंडे देने वाली मादा मगरमच्छ इस साल भी अपने भूमिगत 'गुफा' में रह रही है। यहां साल भर की उम्र से लेकर 20 साल से अधिक उम्र के कुल 19 मगरमच्छ हैं।

एक्सचेंज ऑफर में देंगे मगरमच्छ
डॉ. अरविंद ने बताया कि मगरमच्छों की ब्रीडिंग इतनी सफल रही है कि अब हमारे पास अलग-अलग शहरों के जू प्रबंधन से एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत मगरमच्छ के लिए डिमांड आ रही है। अभी दिल्ली नेशनल जूलॉजिकल पार्क ने हमसे मगरमच्छ मांगे हैं। इसके लिए एक प्रपोजल तैयार किया गया है, जिसके तहत नाहरगढ़ से दो नर और चार मादा मगरमच्छ सौंपे जाएंगे। जयपुर जू के इतिहास में यह एक बड़ी उपलब्धि है।

राजस्थान को मिला पहली बार मिले बार्किंग डियर
दिल्ली जू से बीते शनिवार को एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत नाहरगढ़ जैविक उद्यान में 15 बार्किंग (5 नर और 10 मादा) डियर लाए गए हैं। यह राजस्थान के किसी भी जू में पहली बार आए हैं। इसके बदले में नाहरगढ़ से सिक्का डियर और चिंकारा दिए गए हैं। डॉ. अरविंद ने बताया कि नाहरगढ़ जैविक उद्यान में लगभग सभी वन्य जीवों की ब्रीडिंग हो रही है। इस तरह से यह सेंटर ब्रीडिंग हब भी बन गया है।