थ्री डी डिजिटल सबट्रेक्शन एंजियोग्राफी मशीन से इलाज करने वाले नामी अस्पतालों में शामिल होगा जयपुर के एसएमएस का नाम
दिमाग की बिना ओपन सर्जरी किए ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों को अब स्टंट लग सकेगा। थ्रीडी डिजिटल सबट्रेक्शन एंजियोग्राफी मशीन से इलाज करने वाले नामी अस्पालों की सूची में अब प्रदेश के राजधानी में स्थित सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पातल का नाम भी शामिल होगा।
संभवत:मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अगले सप्ताह में इस मशीन का उद्घाटन कर प्रदेशवासियों को इलाज की नई तकनीक की सौगात देंगे।
अब तक थ्रीडी डिजिटल सबट्रेक्शन एंजियोग्राफी मशीन पीजीआइ चंडीगढ़ और एम्स जैसे बड़े नामी अस्पतालों में हैं। लेकिन अब सवाई मानसिंह अस्पताल में इस मशीन के लगने के बाद एसएमएस मेडिकल कॉलेज का नाम भी इन अस्पतालों की सूची में शामिल हो जाएगा,जहां पर अत्याधुनिक तकनीक से मरीजों को राहत देने के लिए इस तरह की मशीन को लगाया गया हैं।
SMS अस्पताल के अधीक्षक डॉ.अचल शर्मा ने बताया कि मशीन थ्रीडी तकनीक से लैस हैं। यह देश के कुछ ही अस्पतालों के पास हैं।नई मशीन की सौगात देकर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अहम पहल की हैं। इस मशीन से शरीर के विभिन्न ऑर्गन जैसे ब्रेन, लीवर, किडनी की एंजियोग्राफी की जा सकती है।इसमें नई दवाओं पर रिसर्च करने में भी मदद मिलेगी। वहीं मेडिसिन,न्यूरोसर्जरी,यूरोलॉजी,पीडियाट्रिक्स,गैस्ट्रोएंटरोलॉजी,गैस्ट्रोसर्जरी,आंकोलॉजी,नेफ्रोलॉजी,ऑर्थोपेडिक जैसे विभाग के मरीजों को भी फायदा होगा।
यह मशीन न्यूरोलॉजी के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी। ब्रेन या स्पाइन की वेस्कुलर बीमारियों से जुड़े पेंशेंट को काफी राहत मिलेगी। ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों को बिना चीर फाड़ के स्टंट लगाया जा सकेगा। इसमें सीटी स्कैन की सुविधा भी उपलब्ध है। अगर ओटी टेबल पर कोई पेशेंट के ब्रेन में कहीं से अंदर खून बह रहा है तो तुरंत टेबल पर सीटी स्कैन कर देखा जा सकेगा।
न्यूरोसर्जन डॉ.अचल शर्मा ने बताया कि पहले 2डी मशीन के माध्यम से ही इस तरह के मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा था। 3डी इमेज के माध्यम से बिना ओपन सर्जरी किए स्टंट लगाया जा सकेगा।
हाई रेज्यॉल्यूशन इमेज दिखाई देने से स्टंट लगाते वक्त किसी अन्य ब्लड वेसल्स को नुकसान भी नहीं होगा। 2डी मशीन पर सिर्फ 2 मरीजों का इलाज होता था और सीटीस्कैन या एक्सरे आदि की जरूरत होती थी तो समय अधिक लगता था। लेकिन अब नई मशीन से चार से पांच मरीजों का इलाज एक बार में होगा और समय भी कम लगेगा।
एक बार मशीन की टेबल पर लेटने के बाद मरीज को सभी तरह की सुविधाएं वहीं उपलब्ध होगी। बार बार टेबल से हटाना नहीं होगा। वहीं डॉक्टर्स के भी सटीक इलाज कर सकेंगे।