
ISTD की नेशनल कांफ्रेंस: देशभर से जुटे विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव, दो दिवसीय नेटकोन-2023 का हुआ समापन
जयपुर। इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट ( Indian Society for Training & Development ) की ओर से झालाना स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में अखिल भारतीय नेशनल कांफ्रेंस (नेटकोन 2023) का दो दिवसीय आयोजन 15 और 16 दिसंबर को हुआ। संगठन की स्वर्ण जयंती के अवसर पर देशभर से औद्योगिक एवं व्यवसायिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा अनेक राज्यों के ISTD पदाधिकारीकरण ने भाग लिया।
संगठन की नेशनल प्रेसिडेंट अनीता चौहान ने बताया कि स्वर्ण जयंती वर्ष 2023 में इस राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन 'थिंक ट्रेनिंग थिंक आइएसटीडी' के नारे के साथ और प्रधानमंत्री के स्लोगन 'सबका साथ सबका विकास' की भावना के साथ किया जा रहा है। कांफ्रेंस का उद्घाटन मानव संसाधन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के डायरेक्टर आयुष गुप्ता ने किया। उन्होंने उद्योग जगत के सामने भविष्य में आने वाली नई चुनौतियों को दूर करने को लेकर विचार साझा किए।
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, तिरुचिरापल्ली के डायरेक्टर प्रोफेसर पवन कुमार सिंह ने कहा कि हम प्रकृति से बहुत कुछ प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन प्रकृति को वापस नहीं लोटा रहे हैं। उन्होंने गीता में भगवान श्री कृष्ण का उपदेश की व्याख्या करते हुए कहा कि प्रकृति के साथ ऐसा करना भी चोरी ही मानी जाएगी। कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ किरण बेदी ने नेतृत्व, गुड गवर्नेस, टीम वर्क और टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट जैसे मुद्दों पर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए कहा कि यदि ईमानदारी, दृढ़ निश्चय, निष्पक्षता, नैतिक साहस और दिल से काम किया जाए तो सभी समस्याएं हल हो सकती हैं।
कार्यक्रम में देश की पहली ट्रांसजेंडर जज जोयिता मंडल ने अपने जीवन के कड़वे और मीठे अनुभव साझा किए। साथ ही ISTD की पहल की सरहना करते हुए कहा कि यदि समाज के सभी वर्ग ISTD जैसी भावना के साथ काम करेंगे तो ट्रांसजेंडर समुदाय भी देश के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है। अभिनेत्री विशाखा सिंह ने कला-अभिनय तथा टेक्नोलॉजी का आपस में सामंजस्य स्थापित करने के साथ-साथ नए स्टार्टअप शुरू करने और कैरियर संबंधी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी करने के बजाय नौकरी देने विजन पर काम करना चाहिए।
आईपीएस अमनदीप सिंह कपूर ने बताया कि पुलिस विभाग किस तरह टीम वर्क के साथ 24 घंटे आम जनता की मदद के लिए उपलब्ध रहता है। उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्य तथा नैतिकता के साथ ही बेहतर तरीके से काम किया जा सकता है। वक्ताओं की अगली श्रृंखला में हर्षित त्रिवेदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा आधुनिक टेक्नोलॉजी के बारे में बताया। रंजन महापात्र और आइएसटीडी की नेशनल प्रेसिडेंट अनीता चौहान ने काहिरा मिस्र में होने वाले 'अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन 2024' के पोस्टर का विमोचन किया। वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के बारे में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी बताया।
आध्यात्मिक गुरु साध्वी भगवती सरस्वती (परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश) ने टेक्नोलॉजी, लीडरशिप, नैतिकत मूल्य, लाइफ बैलेंस और सुख-शांति जैसे पहलुओं पर प्रकाश डालकर पूरे सदन को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने भारत को विश्व गुरु बनाने का आह्वान भी किया। हरदीप खंडूजा ने गिग इकोनॉमी के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जिन व्यवसायों में स्किल एवं टेक्निकल नॉलेज की जरुरत है, वह सभी गिग इकॉनमी का भाग हैं।
कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय एजुकेशन पॉलिसी पर पेपर प्रेजेंटेशन भी हुए तथा सांस्कृतिक संध्या का आनंद लेते हुए राजस्थानी अंदाज में मीना सपेरा डांस भी आकर्षण का केंद्र रहा। दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस 2023 का आयोजन जोश और उत्साह से संपन्न हुआ। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं तथा पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।
ISTD के बारे में...
मीडिया प्रभारी प्रेरणा अरोरा सिंह ने बताया कि भारतीय प्रशिक्षण और विकास संगठन (ISTD) एक राष्ट्रीय स्तर का एचआर और पेशेवर प्रशिक्षण संगठन है। जिसमें 11 हजार से अधिक सदस्य और 25 हजार से अधिक पूर्व छात्र जुड़े हुए हैं। यह जेनेवा में स्थित इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशंस (आईएफटीडीओ) से भी संबद्ध हैं। 1970 में स्थापित ISTD पेशेवरों के प्रशिक्षण विकास कौशलों के सुधार और विकास पर केंद्रित है। यह विभिन्न उद्योगों में प्रशिक्षण और विकास में शामिल व्यक्तियों के बीच शिक्षा ज्ञान साझा करने और नेटवर्किंग को मंच देने के रूप में कार्य करता है।
Published on:
17 Dec 2023 06:10 pm
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