
जयपुर. फाल्गुन माह के साथ ही गुलाबी नगरी में फूलों की खपत बढ़ गई है। शहर की जनता मार्केट फूल मंडी से रोजाना 100 टन से अधिक फूलों की बिक्री हो रही है। इन दिनों घर-घर हो रहे फागोत्सव और फूलों की होली के बढ़ते चलन ने इनकी मांग में जबरदस्त इजाफा किया है। बाजार की खास बात यह है कि स्थानीय आवक के साथ-साथ बेंगलूरु, पुणे, बैंकॉक और हॉलैंड से भी फूल मंगवाए जा रहे हैं। विदेशी किस्मों की मौजूदगी ने स्थानीय बाजार को अंतरराष्ट्रीय रंग दे दिया है।
शहर के आसपास स्थित बस्सी, तूंगा, जमवारामगढ़, चौमूं और कूकस जैसे क्षेत्रों से गुलाब, गेंदा और सनफ्लावर की प्रचुर आवक हो रही है। इसके अतिरिक्त पुष्कर, अजमेर और कोटा से भी गुलाब व गेंदा पहुंच रहा है। प्रदेश के बाहर से आने वाले फूलों में कोलकाता से रजनीगंधा, बेंगलूरु से जरबेरा, कार्नेशन लिली और लेजी शामिल हैं। वहीं, बैंकॉक से आर्किड और हॉलैंड से हाइड्रेंजिया, ट्यूलिप व केला लिली जैसे महंगे फूल मंगवाए जा रहे हैं। इनकी विशेष मांग थीम बेस्ड होली पार्टियों और बड़े रिसोर्ट्स के आयोजनों में देखी जा रही है।
जनता कॉलोनी फूल मंडी के विक्रेता पूरण मल सैनी ने बताया कि स्थानीय फूलों की आवक के कारण मंडी में इनके दाम कम हैं। स्थानीय फूल 15 से 60 रुपए प्रति किलो तक बिक रहे हैं, जबकि बाहर से आने वाले फूल महंगे हैं। गुलाब के 20 पीस का बंडल 200 से 400 रुपए और जरबेरा का बंडल 150 से 200 रुपए तक मिल रहा है। जयपुर की इस मंडी से न केवल राजस्थान के सीकर, बीकानेर और भरतपुर, बल्कि पंजाब के लुधियाना और जालंधर तक फूलों की सप्लाई की जा रही है।
100 टन से अधिक रोजाना फूलों की खपत
गेंदा, गुलाब और सनफ्लावर की सर्वाधिक मांग
15 से 60 रुपए प्रति किलो तक स्थानीय फूलों के दाम
विदेश: बैंकॉक और हॉलैंड
देश: बेंगलूरु, पुणे, बरेली, कोलकाता, इंदौर
प्रदेश: पुष्कर, अजमेर, कोटा
डिमांड काफी बढ़ जाती
फाल्गुन में फूलों की डिमांड काफी बढ़ जाती है। इन दिनों मंडी से रोजाना 100 टन से अधिक फूलों की निकासी हो रही है। जयपुर के साथ ही सीकर, बीकानेर और भरतपुर तक फूल भेजे जा रहे हैं।
— छुट्टन लाल सैनी, अध्यक्ष, फूल व्यापार मंडल, जनता बाजार
Published on:
25 Feb 2026 12:26 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
