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पिछली सरकार के फैसले का पर ब्रेक: कानोता में सैटेलाइट अस्पताल की उम्मीदों पर फिरा पानी

अप्रेल 2022 में आइपीडी टावर के शिलान्यास समारोह के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस अस्पताल की घोषणा की थी। योजना के मुताबिक, जयपुर के चारों प्रमुख राजमार्गों पर चार सैटेलाइट अस्पताल बनाए जाने थे, जिसके लिए 25-25 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया था।

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फाइल फोटो- पत्रिका

जयपुर. कानोता में प्रस्तावित 50 बेड के सैटेलाइट अस्पताल के निर्माण पर अब पूरी तरह ब्रेक लग गया है। बस्सी विधायक लक्ष्मण मीणा की ओर से विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने सक्षम स्तर पर निर्णय लेते हुए अस्पताल निर्माण का कार्यादेश वापस ले लिया है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि फिलहाल इस अस्पताल को पुनः स्वीकृत कर बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

गहलोत सरकार की घोषणा पर चली 'कैंची'
गौरतलब है कि अप्रेल 2022 में आइपीडी टावर के शिलान्यास समारोह के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस अस्पताल की घोषणा की थी। योजना के मुताबिक, जयपुर के चारों प्रमुख राजमार्गों पर चार सैटेलाइट अस्पताल बनाए जाने थे, जिसके लिए 25-25 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया था। इस बजट का वहन नगरीय विकास विभाग, स्वायत्त शासन विभाग और आवासन मंडल को संयुक्त रूप से करना था।

काम शुरू होने के बाद निरस्त हुआ अनुबंध
घोषणा के बाद जेडीए ने प्रक्रिया शुरू करते हुए 19.11 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण का जिम्मा मैसर्स हरि नारायण खंडेलवाल को सौंपा था। संशोधित समय-सीमा के अनुसार इस अस्पताल का काम सितंबर 2024 तक पूरा होना था। लेकिन इससे पहले ही जेडीए ने सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से अनुबंध को निरस्त कर दिया, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों की चिकित्सा सुविधाओं की उम्मीदें फिलहाल खत्म हो गई हैं।