
'हारे के सहारे' बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाने आए भक्तों के लिए इस बार की यात्रा बेहद कष्टकारी साबित हो रही है। खाटू से जयपुर जाने वाली करीब 70 प्राइवेट बसों ने अपना संचालन पूरी तरह बंद कर दिया है। बस ऑपरेटरों और प्रशासन के बीच 'सिंधी कैंप' तक बस ले जाने की अनुमति को लेकर छिड़ा विवाद अब हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर भारी पड़ रहा है।
वर्तमान नियमों के अनुसार, खाटू से आने वाली प्राइवेट बसों को जयपुर शहर के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं है। इन बसों को जयपुर के बाहर 14 नंबर बाईपास स्थित हीरापुरा बस स्टैंड पर ही सवारियां उतारनी पड़ती हैं।
'श्रीश्याम खाटू-जयपुर बस ऑपरेटर सेवा समिति' ने मेला मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर साफ कर दिया है कि जब तक उन्हें मेले के दौरान (23 से 28 फरवरी तक) बिना जुर्माने सिंधी कैंप तक जाने की अनुमति नहीं मिलती, बसें नहीं चलेंगी।
यूनियन अध्यक्ष मनीष बाजिया और श्याम सींगड़ का कहना है कि ड्राइवर और कंडक्टर रोजाना यात्रियों के गुस्से का शिकार हो रहे हैं, ऐसे में बसें चलाना संभव नहीं है।
प्राइवेट बसों के बंद होने का सीधा असर रोडवेज बसों पर पड़ा है। खाटू रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा है।
लक्खी मेले में प्रशासन का पूरा ध्यान मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं पर है, लेकिन परिवहन व्यवस्था के इस बड़े संकट ने श्रद्धालुओं को 'नो मेंस लैंड' में छोड़ दिया है। बस ऑपरेटरों की हड़ताल ने न केवल यात्रियों को परेशान किया है, बल्कि मेले की सुरक्षा व्यवस्था को भी चुनौती दी है क्योंकि सड़कों पर खड़े हजारों लोग दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं।
खाटूश्यामजी मेले के बीच प्राइवेट बस हड़ताल से उपजी अव्यवस्था का मुद्दा बुधवार को राजस्थान विधानसभा में भी उठा। इसपर परिवहन मंत्री और डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कड़ा रुख अपनाया है। विधायकों की मांग पर उन्होंने ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को श्याम भक्तों के लिए अतिरिक्त बसों और मिनी बसों के तुरंत इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
Updated on:
25 Feb 2026 01:54 pm
Published on:
25 Feb 2026 01:53 pm
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