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Khatu Shyam Mela : खाटू से जयपुर की प्राइवेट बसें बंद ! हज़ारों श्रद्धालु फंसे, ज़रूर पढ़ें काम की खबर

सीकर के विश्वप्रसिद्ध खाटूश्यामजी में चल रहे फाल्गुनी लक्खी मेले के बीच राजस्थान से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। बाबा श्याम के दर्शनों के लिए उमड़ रहे लाखों श्रद्धालुओं के सैलाब के बीच खाटू-जयपुर मार्ग पर चलने वाली प्राइवेट बसों का पहिया थम गया है। बस ऑपरेटरों की हड़ताल और परमिट विवाद के कारण पिछले दो दिनों में 60 हजार से ज्यादा श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि यात्री रोडवेज बसों की छतों पर लटककर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।

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'हारे के सहारे' बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाने आए भक्तों के लिए इस बार की यात्रा बेहद कष्टकारी साबित हो रही है। खाटू से जयपुर जाने वाली करीब 70 प्राइवेट बसों ने अपना संचालन पूरी तरह बंद कर दिया है। बस ऑपरेटरों और प्रशासन के बीच 'सिंधी कैंप' तक बस ले जाने की अनुमति को लेकर छिड़ा विवाद अब हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर भारी पड़ रहा है।

क्या है विवाद की मुख्य जड़?

वर्तमान नियमों के अनुसार, खाटू से आने वाली प्राइवेट बसों को जयपुर शहर के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं है। इन बसों को जयपुर के बाहर 14 नंबर बाईपास स्थित हीरापुरा बस स्टैंड पर ही सवारियां उतारनी पड़ती हैं।

  • श्रद्धालुओं की मांग: मेले में आने वाले अधिकतर भक्त रेलवे स्टेशन या सिंधी कैंप (मुख्य बस स्टैंड) जाना चाहते हैं।
  • विवाद: जब ड्राइवर हीरापुरा पर बस रोकते हैं, तो श्रद्धालु सिंधी कैंप जाने की जिद करते हैं। इससे आए दिन मारपीट और कहासुनी की नौबत आ रही है।

23 से 28 फरवरी तक का अल्टीमेटम

'श्रीश्याम खाटू-जयपुर बस ऑपरेटर सेवा समिति' ने मेला मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर साफ कर दिया है कि जब तक उन्हें मेले के दौरान (23 से 28 फरवरी तक) बिना जुर्माने सिंधी कैंप तक जाने की अनुमति नहीं मिलती, बसें नहीं चलेंगी।

यूनियन अध्यक्ष मनीष बाजिया और श्याम सींगड़ का कहना है कि ड्राइवर और कंडक्टर रोजाना यात्रियों के गुस्से का शिकार हो रहे हैं, ऐसे में बसें चलाना संभव नहीं है।

रोडवेज बसों पर 'ओवरलोड' सफर!

प्राइवेट बसों के बंद होने का सीधा असर रोडवेज बसों पर पड़ा है। खाटू रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा है।

  • मजबूरी की यात्रा: श्रद्धालु बसों के गेट पर लटककर और छतों पर बैठकर सफर कर रहे हैं।
  • प्रशासन का दावा: रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अतिरिक्त बसें लगाई हैं, लेकिन धरातल पर यात्रियों की संख्या के आगे ये इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।

मेले की व्यवस्थाओं पर उठते सवाल

लक्खी मेले में प्रशासन का पूरा ध्यान मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं पर है, लेकिन परिवहन व्यवस्था के इस बड़े संकट ने श्रद्धालुओं को 'नो मेंस लैंड' में छोड़ दिया है। बस ऑपरेटरों की हड़ताल ने न केवल यात्रियों को परेशान किया है, बल्कि मेले की सुरक्षा व्यवस्था को भी चुनौती दी है क्योंकि सड़कों पर खड़े हजारों लोग दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं।

विधानसभा में उठा मामला 

खाटूश्यामजी मेले के बीच प्राइवेट बस हड़ताल से उपजी अव्यवस्था का मुद्दा बुधवार को राजस्थान विधानसभा में भी उठा। इसपर परिवहन मंत्री और डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कड़ा रुख अपनाया है। विधायकों की मांग पर उन्होंने ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को श्याम भक्तों के लिए अतिरिक्त बसों और मिनी बसों के तुरंत इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

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