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Khatu Shyam Ji Mela: राजस्थान पुलिस का अनूठा कॉन्टेस्ट, मेले में ‘सेल्फी’ खींचो और पाओ ‘इनाम’, जानें पूरी जानकारी

khatu shyam ji mela: राजस्थान पुलिस ने आमजन और खाटू नरेश के भक्तों के बीच विश्वास को और मजबूत करने के लिए एक बेहद दिलचस्प 'सेल्फी प्रतियोगिता' की शुरुआत की है। यह नवाचार न केवल पुलिस की छवि को बदलने का प्रयास है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं को मेले की व्यवस्थाओं का हिस्सा बनाने का एक डिजिटल जरिया भी है।

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सीकर

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Nakul Devarshi

Feb 23, 2026

Khatu Shyam Ji Mela: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित 'हारे के सहारे' बाबा श्याम के दरबार में फाल्गुन लख्खी मेले की रौनक अपने चरम पर है। देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु निशान हाथ में लिए पदयात्रा करते हुए खाटू धाम पहुँच रहे हैं। इस विशाल जनसमूह की सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए तैनात राजस्थान पुलिस ने इस बार एक अनूठी पहल की है- ‘श्री खाटूश्यामजी मेला सेल्फी प्रतियोगिता’।

इस प्रतियोगिता के जरिए पुलिस प्रशासन श्रद्धालुओं को यह महसूस कराना चाहता है कि खाटू की गलियों में तैनात वर्दीधारी उनके 'दोस्त और रक्षक' हैं।

पुलिस महानिदेशक के निर्देश, 'स्मार्ट पुलिसिंग' का उदाहरण

पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा के विजन को धरातल पर उतारते हुए सीकर पुलिस अधीक्षक (SP) प्रवीण नायक नूनावत ने इस प्रतियोगिता का खाका तैयार किया है। एसपी नूनावत ने बताया कि मेले में पुलिस केवल लाठी और सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि सेवा, यातायात प्रबंधन, महिला सहायता और चिकित्सा समन्वय के लिए भी मुस्तैद है। इसी मानवीय चेहरे को दुनिया के सामने लाने के लिए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है।

क्या है 'सेल्फी प्रतियोगिता', कैसे ले सकते हैं भाग?

यदि आप खाटू मेले में हैं और आपको पुलिस की कोई व्यवस्था अच्छी लगती है, या कोई पुलिसकर्मी किसी बुजुर्ग, बच्चे या दिव्यांग की मदद करता हुआ दिखाई देता है, तो आप उस पल को अपने कैमरे में कैद कर सकते हैं।

  • प्रक्रिया: पुलिसकर्मी के साथ या पुलिस व्यवस्थाओं के साथ एक सुंदर सेल्फी या फोटो लें।
  • प्लेटफॉर्म: इस फोटो को अपने सोशल मीडिया (X/Twitter, Instagram, Facebook) पर साझा करें।
  • अनिवार्य शर्तें: फोटो साझा करते समय राजस्थान पुलिस के आधिकारिक हैंडल @policerajasthan को टैग करना होगा।
  • अनिवार्य हैशटैग: अपनी पोस्ट में #SafeWithPolice और #KhatuMelaPolice का उपयोग करना जरूरी है।

100 बेस्ट सेल्फी को मिलेगा 'बाबा श्याम का प्रसाद' और सम्मान

सीकर पुलिस प्रशासन ने इस प्रतियोगिता को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए पुरस्कारों की भी घोषणा की है। प्राप्त प्रविष्टियों में से विशेषज्ञों की एक टीम 100 सर्वश्रेष्ठ सेल्फी का चयन करेगी।

  • पुरस्कार में क्या मिलेगा? विजेताओं को बाबा खाटू श्याम की एक आकर्षक तस्वीर, विशेष प्रसाद और राजस्थान पुलिस की ओर से एक 'प्रशंसा प्रमाण-पत्र' प्रदान किया जाएगा।
  • बाहरी विजेताओं के लिए सुविधा: यदि विजेता सीकर जिले से बाहर का है, तो पुलिस प्रशासन उन्हें डाक (Post) के जरिए उनके घर तक पुरस्कार और प्रमाण-पत्र भेजेगा।

'विश्वास और सहयोग की नई डोर'

एसपी प्रवीण नायक नूनावत के अनुसार, इस प्रतियोगिता का मूल उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को कम करना है। अक्सर भीड़भाड़ वाले मेलों में पुलिस को केवल नियंत्रण करने वाली इकाई के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस बार पुलिस 'श्रद्धालुओं की साथी' के रूप में उभर रही है। यह प्रतियोगिता पुलिस और जनता के बीच सकारात्मक संवाद और सहयोग का प्रतीक है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

सेल्फी प्रतियोगिता के साथ-साथ मेले में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं:

  • ड्रोन निगरानी: भीड़ के नियंत्रण के लिए अत्याधुनिक ड्रोन्स का इस्तेमाल हो रहा है।
  • महिला सहायता डेस्क: महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हर प्रमुख पॉइंट पर महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं।
  • हेल्पलाइन नंबर: किसी भी आपात स्थिति के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 9667600788 जारी किया है। साथ ही 112 सेवा 24 घंटे सक्रिय है।

श्रद्धालुओं के लिए 'डिजिटल एडवाइजरी'

पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले से जुड़ी किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। आधिकारिक और प्रमाणित जानकारी के लिए राजस्थान पुलिस और सीकर पुलिस के सोशल मीडिया पेजों को ही फॉलो करें। बाबा श्याम के दर्शनों के लिए कतारबद्ध रहें और जेबकतरों व संदिग्ध वस्तुओं से सावधान रहें।

क्यों खास है यह खबर?

राजस्थान पुलिस का यह कदम 'कम्युनिटी पुलिसिंग' का एक बेहतरीन उदाहरण है। सोशल मीडिया के युग में जब हर श्रद्धालु के हाथ में स्मार्टफोन है, ऐसी प्रतियोगिताएं न केवल पुलिस के प्रति जनता के व्यवहार को बदलती हैं, बल्कि 'सकारात्मक कंटेंट' के जरिए राजस्थान पर्यटन और खाटू मेले की भव्यता को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा भी देती हैं।