
Khatu Shyam Ji Mela: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित 'हारे के सहारे' बाबा श्याम के दरबार में फाल्गुन लख्खी मेले की रौनक अपने चरम पर है। देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु निशान हाथ में लिए पदयात्रा करते हुए खाटू धाम पहुँच रहे हैं। इस विशाल जनसमूह की सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए तैनात राजस्थान पुलिस ने इस बार एक अनूठी पहल की है- ‘श्री खाटूश्यामजी मेला सेल्फी प्रतियोगिता’।
इस प्रतियोगिता के जरिए पुलिस प्रशासन श्रद्धालुओं को यह महसूस कराना चाहता है कि खाटू की गलियों में तैनात वर्दीधारी उनके 'दोस्त और रक्षक' हैं।
पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा के विजन को धरातल पर उतारते हुए सीकर पुलिस अधीक्षक (SP) प्रवीण नायक नूनावत ने इस प्रतियोगिता का खाका तैयार किया है। एसपी नूनावत ने बताया कि मेले में पुलिस केवल लाठी और सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि सेवा, यातायात प्रबंधन, महिला सहायता और चिकित्सा समन्वय के लिए भी मुस्तैद है। इसी मानवीय चेहरे को दुनिया के सामने लाने के लिए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है।
यदि आप खाटू मेले में हैं और आपको पुलिस की कोई व्यवस्था अच्छी लगती है, या कोई पुलिसकर्मी किसी बुजुर्ग, बच्चे या दिव्यांग की मदद करता हुआ दिखाई देता है, तो आप उस पल को अपने कैमरे में कैद कर सकते हैं।
सीकर पुलिस प्रशासन ने इस प्रतियोगिता को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए पुरस्कारों की भी घोषणा की है। प्राप्त प्रविष्टियों में से विशेषज्ञों की एक टीम 100 सर्वश्रेष्ठ सेल्फी का चयन करेगी।
एसपी प्रवीण नायक नूनावत के अनुसार, इस प्रतियोगिता का मूल उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को कम करना है। अक्सर भीड़भाड़ वाले मेलों में पुलिस को केवल नियंत्रण करने वाली इकाई के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस बार पुलिस 'श्रद्धालुओं की साथी' के रूप में उभर रही है। यह प्रतियोगिता पुलिस और जनता के बीच सकारात्मक संवाद और सहयोग का प्रतीक है।
सेल्फी प्रतियोगिता के साथ-साथ मेले में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं:
पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले से जुड़ी किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। आधिकारिक और प्रमाणित जानकारी के लिए राजस्थान पुलिस और सीकर पुलिस के सोशल मीडिया पेजों को ही फॉलो करें। बाबा श्याम के दर्शनों के लिए कतारबद्ध रहें और जेबकतरों व संदिग्ध वस्तुओं से सावधान रहें।
राजस्थान पुलिस का यह कदम 'कम्युनिटी पुलिसिंग' का एक बेहतरीन उदाहरण है। सोशल मीडिया के युग में जब हर श्रद्धालु के हाथ में स्मार्टफोन है, ऐसी प्रतियोगिताएं न केवल पुलिस के प्रति जनता के व्यवहार को बदलती हैं, बल्कि 'सकारात्मक कंटेंट' के जरिए राजस्थान पर्यटन और खाटू मेले की भव्यता को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा भी देती हैं।
Updated on:
23 Feb 2026, 5:03 PM IST
Published on:
23 Feb 2026, 4:55 PM IST
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