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जयपुर में नीरजा मोदी स्कूल को CBSE से बड़ी राहत, कक्षा 9-10 की मान्यता बहाल; 11वीं-12वीं पर अभी भी संकट

जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने राहत दी है। कक्षा 9-10 की मान्यता बहाल, जबकि 11-12 की मान्यता 2027-28 तक निलंबित रहेगी। फैसला छात्र हित में पुराने आदेश में संशोधन कर लिया गया।

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जयपुर

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Arvind Rao

Feb 25, 2026

Jaipur Neerja Modi School Gets CBSE Relief Classes 9-10 Affiliation Restored 11-12 Still Suspended

Neerja Modi School (Patrika Photo)

Neerja Modi School: जयपुर: राजधानी जयपुर के प्रतिष्ठित नीरजा मोदी स्कूल (Neerja Modi School) के छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूल की मान्यता पूरी तरह रद्द करने के अपने पुराने आदेश में बड़ा बदलाव किया है।

बता दें कि बोर्ड ने अब स्कूल की कक्षा 9 और 10 की मान्यता को बहाल कर दिया है। हालांकि, सीनियर सेकेंडरी लेवल (कक्षा 11-12) के लिए स्कूल की मान्यता अभी भी दो साल के लिए रद्द रहेगी।

छात्रों के भविष्य को देखते हुए बोर्ड ने बदला फैसला

CBSE द्वारा जारी ताजा आदेश (23 फरवरी) के अनुसार, स्कूल की मान्यता को 'केवल सेकेंडरी लेवल' तक बहाल किया गया है। इसका मतलब है कि कक्षा 9 में पढ़ रहे छात्रों को अब दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करने की जरूरत नहीं होगी।

बोर्ड ने 11वीं-12वीं के लिए ये रखी शर्तें

  • जो छात्र अभी कक्षा 11 में हैं और अप्रैल 2026 से 12वीं में जाएंगे, वे इसी स्कूल से 2027 की बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे। उन्हें शिफ्ट नहीं किया जाएगा।
  • आगामी सत्र (2026-27) के लिए स्कूल कक्षा 11 में कोई नया एडमिशन नहीं ले सकेगा और न ही किसी छात्र को 11वीं में प्रमोट कर पाएगा।
  • सीनियर सेकेंडरी लेवल की मान्यता अगले दो शैक्षणिक वर्षों (2026-27 और 2027-28) तक रद्द रहेगी। स्कूल दो साल बाद ही दोबारा आवेदन कर पाएगा।

क्यों हुई थी कार्रवाई?

यह पूरा मामला 9 साल की छात्रा अमायरा की दुखद मौत और उसके बाद स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था में पाई गई गंभीर खामियों से जुड़ा है। 16 फरवरी को हुई व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान स्कूल प्रबंधन ने अपनी गलतियों और बोर्ड के नियमों के उल्लंघन को स्वीकार करते हुए माफी मांगी थी।

बोर्ड ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि स्कूल में 5,000 से अधिक छात्र पढ़ते हैं। अगर पूरी तरह मान्यता रद्द की जाती, तो बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों पर इसका बहुत बुरा असर पड़ता। इसी 'छात्र हित' को ध्यान में रखते हुए 30 दिसंबर 2025 के पुराने आदेश में संशोधन किया गया है।

पीड़ित पिता का बयान: "यह क्लीन चिट नहीं है"

अमायरा के पिता विजय मीणा ने इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बोर्ड का यह फैसला केवल छात्रों के भविष्य को बचाने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा, यह स्कूल को क्लीन चिट नहीं है। आदेश में साफ लिखा है कि स्कूल की ओर से गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन हुआ है। यह राहत सिर्फ उन माता-पिता के लिए है जिनके बच्चे वहां पढ़ रहे हैं।

कक्षा 1 से 8 तक का क्या होगा?

कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई और मान्यता को लेकर गेंद अब राजस्थान सरकार के पाले में है। सीबीएसई ने साफ कर दिया है कि इन कक्षाओं की मान्यता जारी रखनी है या नहीं, इसका फैसला राज्य सरकार को करना होगा।