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Bikaner Rape and Murder: गले में चुन्नी और मुंह में भरी थी मिट्टी, कुत्तों से बचने के लिए बदला रास्ता, रूह कंपा देगी हैवानियत

बीकानेर ग्रामीण क्षेत्र में स्कूल जा रही बालिका से दुष्कर्म कर हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी श्यामसुंदर को गिरफ्तार किया। घटनास्थल पर मिले लॉकेट से सुराग मिला। आरोपी प्रदर्शन में भी शामिल रहा। सरकार ने 10 लाख मदद व संविदा नौकरी का आश्वासन दिया।

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Bikaner Rape and Murder case

घटना स्थल का निरीक्षण करते जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक (फोटो- पत्रिका)

Bikaner rape and murder case: बीकानेर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में स्कूल जा रही बालिका के साथ रास्ते में बलात्कार कर हत्या करने का घिनौना अपराध करने वाले युवक को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान कर उसे दबोचने के लिए पुलिस दो दिन से लगातार वारदात के हर पहलू को खंगाल रही थी।

बता दें कि इस ब्लाइंड मर्डर में पुलिस को मौका वारदात पर एक लॉकेट मिला था। पुलिस के पास इस साक्ष्य के अलावा और कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं थी। ऐसे में पुलिस टीमों ने लॉकेट को आधार बनाकर जांच को आगे बढ़ाया और आरोपी श्यामसुंदर को दबोच लिया।

आरोपी श्यामसुंदर इतना शातिर था कि वारदात के बाद उसने घर आकर कपड़े बदले। इसी बीच उसे ध्यान आया कि गले में पहना लॉकेट बालिका से हाथापाई के दौरान टूटकर गिर गया था। आरोपी ने अगले दिन बाजार जाकर हुबहू वैसा ही एक और लॉकेट खरीदा और गले में पहन लिया, ताकि किसी को शक न हो।

इसके साथ ही आरोपी मृतक बालिका को न्याय दिलाने और हत्यारे को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर चल रहे धरने-प्रदर्शन में भी शामिल रहा। यहां तक की सोशल मीडिया पर भी उसने पोस्ट लगाकर बहन के हत्यारों को सजा दिलाने जैसी अपीलें पोस्ट की।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बनवारी लाल मीणा ने बताया कि आरोपी की पहचान करने में सिपाही प्रदीप सिंह की भूमिका अहम रही। तकनीकी साक्ष्य और सतर्कता के चलते आरोपी को दबोचा जा सका।

बालिका के साथ हुई दरिंदगी की रूह कंपा देने वाली परतें अब पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुल गई हैं। घटना वाले दिन बालिका आवारा कुत्तों से बचने के लिए नहर का रास्ता बदलकर दूसरे सुनसान रास्ते से स्कूल जा रही थी, जहां घात लगाए बैठे आरोपी श्यामसुंदर ने उसे दबोच लिया।

हैवानियत की पराकाष्ठा

आरोपी ने मासूम को जान से मारने की धमकी देकर सुनसान जगह पर बंधक बनाया और उसके साथ बलात्कार किया। इस दरिंदगी के दौरान बालिका बेहोश हो गई। आरोपी वहां से भागने ही वाला था कि उसे डर सताया कि होश में आने पर वह राज खोल देगी।

इसी डर के कारण उसने बेहोशी की हालत में ही छात्रा की चुन्नी से उसका गला घोंट दिया। हैवानियत यहीं नहीं रुकी, उसने मासूम के मुंह में मिट्टी भर दी ताकि वह चीख न सके।

पकड़ी गई कातिल की चालाकी

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला घोंटने और बलात्कार की पुष्टि हुई है। संघर्ष के निशान बालिका के गले पर भी मिले, जिससे पता चला कि उसने दम टूटने से पहले खुद अपने हाथों से चुन्नी खोलने की नाकाम कोशिश की थी।

वारदात को अंजाम देकर आरोपी इतना शातिर निकला कि वह खुद भीड़ और धरने का हिस्सा बन गया, लेकिन मौके पर गिरे एक लॉकेट और पुलिस की तकनीकी सतर्कता ने उसके चेहरे से नकाब उतार दिया।

ऐसे खुला राज

  • 21 फरवरी को बालिका परीक्षा देने के लिए स्कूल जा रही थी। स्कूल नहीं पहुंचने पर उसके परिजनों को सूचना दी गई।
  • इसके बाद बालिका की तलाश शुरू की गई और बालिका का शव रोही में अर्द्धनग्न अवस्था में मिला।
  • पुलिस ने वारदात स्थल की तरफ जाने के रास्तों के सीसीटीवी खंगाले। एक दुकान के फुटेज में श्यामसुंदर नजर आया।
  • शुरुआती पूछताछ में उससे ज्यादा कुछ पता नहीं चला। परंतु उसके पहने लॉकेट ने सारी असलियत को उजागर कर दिया।

पीड़ित परिवार के लिए 89 लाख रुपए की सहायता राशि जुटाई

प्रशासन ने इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आरोपी श्यामसुंदर पुत्र नारायणा राम को गिरफ्तार करने के बाद आंदोलनकारियों से वार्ता की। वार्ता में पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से यथा संभव सहायता दिलाने का लिखित आश्वासन और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने की सहमति दी गई। साथ ही मौके पर जुटे लोगों ने भी 89 लाख रुपए की राशि पीड़ित परिवार के लिए एकत्रित की।

पूर्व मंत्री ने जताई संवेदना, वार्ता सिरे चढ़ी

पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी मंगलवार को मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की। वारदात को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने ऐसे अपराधियों का सामाजिक बहिष्कार करने की अपील की। साथ ही पीड़ित परिवार को व्यक्तिगत रूप से एक लाख रुपए की मदद देने की घोषणा की। धरने में कांग्रेस नेता भंवर सिंह भाटी और महेंद्र गहलोत आदि भी मौजूद रहे।

इन मांगों पर बनी सहमति

पीड़ित परिवार को 10 लाख की सरकारी आर्थिक मदद।
परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने।
मामले में त्वरित सुनवाई के लिए विशेष पीपी लगाने।
एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता का सरकार को प्रस्ताव भेजने।