
जयपुर, 19 अप्रेल
राजस्थान विश्वविद्यालय (Rajasthan University) सहित देश के सभी विश्वविद्यालयों (Universities) में एनसीसी इलेक्टिव क्रेडिट कोर्स (NCC Elective Credit Course) के रूप में शामिल होगा। यूजीसी (UGC) ने हाल ही में इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं और इस संबंध में नोटिस भी जारी किया है। यूजीसी ने कोर्स को कई सेमेस्टर में विभक्त किया है। यूजीसी ने एनसीसी महानिदेशालय (NCC Directorate) से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर एनसीसी के जारी किए गए सेलेब्स को 24 क्रेडिट के माध्यम से कुल 6 सेमेस्टर में छात्रों को कोर्स चुनने की उपलब्धता प्रदान की है। इन्हें पूरा करने पर स्टूडेंट्स को क्रेडिट जारी किए जाएंगे और ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने वाले स्टूडेंट्स को एनसीसी बी या फिर एनसीसी सी सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। इतना ही नहीं इन्हें उच्च शिक्षण संस्थानों में एडमिशन के साथ साथ केंद्र और राज्य की विभिन्न सरकारी नौकरियों में भी फायदा मिल सकेगा।
छह सेमेस्टर में बांटा कोर्स
एिनसीसी महानिदेशालय द्वारा एनसीसी के बी और सी सर्टिफिकेट के सिलेबस को विश्वविद्यालयों में 6 सेमेस्टर में कुल 24 क्रेडिट के रूप में डिजाइन किया गया है। पहले दो सेमेस्टर में कुल 4 क्रेडिट, तीसरे और चौथे सेमेस्टर में कुल 10 क्रेडिट और पाचवें एवं छठें सेमेस्टर में भी कुल 10 क्रेडिट दिए गए हैं। हर कोर्स के पार्ट के तौर पर थ्योरी, प्रैक्टिकल और कैंप शामिल होंगे। स्टूडेंट्स को दो कैम्पिंग एक्टिविटिज करनी होंगी। पहला कैंप तीसरे के साथ मर्ज किया जाएगा और दूसरी कैंपिंग एक्टिविटी को यूजीसी के दिशा निर्देशों के अनुसार कोर्स के पांचवें सेमेस्टर में मर्ज किया जाएगा।
कैंप ट्रेनिंग सब्जेक्ट के पार्ट के रूप में आपदा प्रबंधन, सामाजिक सेवा और सामुदायिक विकास, सैन्य इतिहास, शारीरिक प्रशिक्षण आदि विषय पढ़ाए जाएंगे। इस कोर्स में राष्ट्रीय एकीकरण, हथियार प्रशिक्षण, बाधा प्रशिक्षण, सैन्य इतिहास, मानचित्र पढऩा, फील्डक्राफ्ट, और युद्ध शिल्प जैसे कई विषयों के बारे में भी सीखेंगे।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधान से प्रेरित निर्देश
गौरतलब है कि यूजीसी की ओर से दिए गए यह निर्देश नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से प्रेरित हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्नातक और उच्चतर स्तरीय सिलेबस में च्वॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू करने का सुझाव दिया गया है। जिसके तहत स्टूडेंट्स को विश्वविद्यालय द्वारा तय कोर्स या सब्जेक्ट्स को पढऩे की बजाय अपने पसंद के कोर्स या सब्जेक्ट्स चूज करने का अवसर मिल सकेगा।
Published on:
19 Apr 2021 04:22 pm
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