इस पूरे मामले की पड़ताल और अभ्यर्थियों से बातचीत में यह भी सामने आया कि जिन टॉपर विद्यार्थियों ने पहले चरण में जॉइनिंंग नहीं दी, उन्हीं विद्याथियों को दूसरे चरण में भी प्राथमिकता दे दी गई। ऐसे में दोनों चरण होने के बवजूद टॉप कॉलेजों की सीटें खाली रह गईं। अब अभ्यर्थियों का आरोप है कि जानबुझकर टॉपर डमी अभ्यर्थियों से सीटें भरी गई, जिससे कि मॉपअप चरण में नीचे रैंक वालों को सीटें मिल जाए। उधर, इस पूरे विवाद के बाद अब एसएमएस मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों ने धरना शुरू कर दिया है।