
राजस्थान में मदरसा तालीम चरमराई: हजारों बच्चे किताबों के इन्तेजार में, प्रदेश के 13 जिलों के हालात बदतर
अब्दुल बारी/जयपुर. मदरसों का नया सत्र शुरू हुए चौथा महीना लग चुका है। लेकिन हालात ये हैं कि सैकड़ों मदरसों के बच्चे अब तक किताबों के लिए तरस रहे हैं। जयपुर, अलवर, भरतपुर समेत 9 जिलों में अधूरी किताबों से पढ़ाई कराई जा रही है। तो वहीं बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़ और धौलपुर समेत 10 जिलों के सरकारी मदरसों के बच्चे तो अब भी पूरी तरह किताबों से महरूम हैं, क्योंकि यहां किताबों के वितरण का काम ही शुरू नहीं हो पाया।
यह है राजधानी का हाल
किताबों के वितरण कि लिए जयपुर में सात नोडल मदरसे बनाए गए हैं। कर्बला स्थित जामिया मेहमूदुल कुरआन के नोडल प्रभारी जलीस अहमद ने बताया कि अब तक कक्षा एक की दो और दूसरी की एक किताब ही मिली है। इसी तरह अन्य कक्षाओं की अधिकतर किताबें भी नहीं मिलीं। लगभग इसी तरह का हाल बाबू का टीबा स्थित मदरसा अनवारूल इस्लाम और शास्त्री नगर के मदरसा इकरा समेत अन्य नोडल मदरसों का है।
जब पढ़ेंगे नहीं तो टेस्ट कहां से देंगे
मदरसा शिक्षा सहयोगी संघ के संरक्षक अमीन कयामखानी का कहना है कि अगले महीने से बच्चों के टेस्ट शुरू होंगे, ऐसे में जब किताबे ही नहीं हैं तो बच्चे टेस्ट कहां से देंगे। वहीं मदरसों की संयुक्त संस्था अलफलाह तंजीम के अध्यक्ष रफीक गारनेट का कहना है कि जब मार्च में ही मदरसों ने डिमांड भेज दी थी। तो समय पर किताबे क्यों उपलब्ध नहीं हो रहीं।
'बताई पाठ्यपुस्तक मंडल की लापरवाही'
जयपुर में पाठ्यपुस्तक मंडल से पूरी किताबे नहीं मिल पाई हैं। जितनी मिल गई हैं, उतनी बांट रहे हैं। पाठ्यपुस्तक मंडल के अधिकारियों से लगातार संपर्क में हूं।
शकील अहमद
अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जयपुर
प्रदेशभर के मदरसों में किताबों के वितरण को लेकर खुद मॉनिटरिंग कर रहा हूं। 13 जिलों के हालात ज्यादा खराब हैं। हर जिले में हमारे अधिकारी पाठ्यपुस्तक मंडल डिपो से संपर्क में हैं। वहीं से देरी हो रही है।
सैयद मुकर्रम शाह
सचिवए राजस्थान मदरसा बोर्ड
ये हैं प्रदेशभर के हालात
10 जिलों में पहुंची पूरी किताबें
10 जिलों में आधी.अधरी
13 जिलों में बिल्कुल नहीं पहुंचीं
Published on:
31 Jul 2022 06:39 pm
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