
सीएम गहलोत सेना पर अपना बयान वापस लें- तिवाड़ी
राजस्थान में नए जिलों के गठन का मामला आखिरकार टल ही गया। इस बारे में राज्य सरकार को सुझाव देने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति का कार्यकाल 6 माह के लिए बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सितंबर के अंत में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग जाएगी ऐसे में फिर कोई घोषणा नहीं हो सकेगी। ऐसे में ये माना जा रहा हैं कि इस सरकार के कार्यकाल तक तो कोई नया जिला नहीं बन सकेेगा।
राज्य सरकार को इस संबंध सुझाव देने के लिए 21 मार्च, 2022 को रामलुभाया की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति का कार्यकाल 13 मार्च 2023 को समाप्त हो रहा है। नवीन जिला गठन हेतु मांग/प्रस्तावों के संबंध में जिला कलक्टरों से सूचना एकत्र कर परीक्षण करने एवं उसके बाद समिति द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने में अभी समय लगना संभावित है। इसे देखते हुए समिति के कार्यकाल को बढ़ाया गया है।
जिला बनने की दौड़ में शामिल :
राज्य में कोटपूतली, ब्यावर, बालोतरा, भिवाड़ी, नीम का थाना, कुचामन सिटी, सुजानगढ़, फलौदी, डीडवाना, केकड़ी नए जिले बनने की दौड़ में है। इसमें कोटपूतली से विधायक और मंत्री राजेन्द्र यादव का जिला बनाने को लेकर दबाव हैं वहीं केकड़ी से विधायक और कांग्रेस के तेज तर्रार नेता रघु शर्मा ने केकड़ी को जिला बनाने की मांग करके सीएम गहलोत के लिए परेशानी बढ़ा दी है। विधायक शर्मा ने कहा है कि भौगोलिक दृष्टि से राजस्थान सबसे बड़ा राज्य है। अब विकेंद्रीकरण की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नए जिले समय की जरूरत है। किसी जिले में तो तीन या चार विधानसभा क्षेत्र हे तो किसी जिले में 19 से ज्यादा विधानसभा सीटें हैं। राजस्थान की जनसंख्या के अनुपात में 24 लाख की जनसंख्या प्रत्येक जिले की है। केकड़ी को लेकर शर्मा ने कहा कि वहां 3 नगरपालिका, एडीएम का दफ्तर, पीजी कॉलेज, 400 बेड का अस्पताल है। केकड़ी नए जिले बनाने की जरूरतें पूरी करता है।
15 साल से नहीं बना कोई नया जिला
राजस्थान में पिछले 15 साल से कोई नया जिला नहीं बनाया गया है। साल 2008 में वसुंधरा राजे सरकार ने 26 जनवरी को प्रतापगढ़ को नया जिला बनाया था उसके बाद तीन सरकारें आईं लेकिन नए जिलों की मांग पर कोई फैसला नहीं हो पाया। भाजपा सरकार ने इससे पहले नए जिलों के लिए 2014 में रिटायर्ड आईएएस परमेश चंद की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी। इसकी साल 2018 में रिपोर्ट भी आई लेकिन नए जिलों पर कोई फैसला नहीं हो सका। उधर अब नए जिले बनाने के लिए कांग्रेस और समर्थक विधायक लगातार गहलोत सरकार पर दबाव बना रहे हैं। पचपदरा विधायक मदन प्रजापत तो काफी समय से बालोतरा को जब तक जिला नहीं बनाया जाता हैं, नंगे पैर ही रहते है। वहीं नीम का थाना विधायक सुरेश मोदी ने भी नीम का थाना से जयपुर तक पदयात्रा की थी।
Published on:
11 Mar 2023 02:10 pm
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