
ईशान अपने इनवेंशन के साथ
जयपुर . दसवीं कक्षा की परीक्षा देने के बाद ईशान अपने ननिहाल-सिरसा (हरियाणा) छुट्टियां बिताने गया तो वहां के एक गांव खाजा खेड़ा में उसने देखा कि खेतों में पानी भरने के लिए किसानों को सुदूर क्षेत्रों में जाना पड़ता है। ये काफी मुश्किल समय होता है क्योंकि खेत पर जाने के बाद किसान के समय का पता नहीं चलता कि कितना समय लगेगा। साथ ही बिजली का कोई समय निर्धारित नहीं होता, कभी भी आ सकती है और कभी भी जा सकती है। भौतिक विज्ञान और गणित के छात्र ईशान ने तकनीक के जरिए इस समस्या को हल करने की कोशिश की और करीब एक के अंदर एक डिवाइस तैयार की, जिसका नाम रखा 'प्लूटो। ईशान के इस प्रयोग में स्कूल के टीचर्स और तकनीकी विभाग के सीनियर्स ने भरपूर सहयोग दिया।
मुश्किल से मिली इजाजत
ईशान ने सबसे पहले इस डिवाइस का परीक्षण अपने ही स्कूल में लगी मोटर पर किया, जिसके लिए उसने स्कूल में एप्लीकेशन देकर मोटर को होने वाले किसी भी संभावित नुकसान के होने पर हर्जाना देने का प्रस्ताव रखा। स्कूल प्रशासन ने काफी दिनों के इंतजार के बाद ईशान को छुट्टियों के समय में मोटर पर परीक्षण करने की इजाजत दे दी और यह प्रयोग सफल रहा। आज स्कूल का हर बड़ा और छोटा मोटर प्लूटो की मदद से ही चलता है। साथ ही स्कूल प्रशासन ने प्लूटो के प्रचार-प्रसार में हर संभव सहायता की भी बात कही है।
किसानों के लिए लाभदायक
आज प्लूटो स्कूल के पास के गांवों में तकनीक का एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है और गांव के लोग इस प्रयास से खुश हैं। भारत के साइंस एंड टेक्नोलॉजी मिनिस्टर डॉक्टर हर्षवर्धन ने भी ईशान का मनोबल बढ़ाते हुए लिखा की विज्ञान के क्षेत्र में यह एक सराहनीय कदम है
घर बैठे करें ऑपरेट
यह अविष्कार शहरी एवं ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में किसानों के लिए अत्यंत लाभदायक है। जिन किसानों के खेत घर से दूर हैं और पानी के पंप को चालू या बंद करने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती है तो उनके लिए प्लूटो किसी वरदान से कम नहीं। इस मशीन को चलाने के लिए किसी 3जी या 4जी कनेक्शन की आवश्यकता नहीं है। यह मशीन किसी भी साधारण या पुराने मॉडल के मोबाइल से ऑपरेट की जा सकती है। इसके अलावा प्लूटो को किसी भी लैंडलाइन फोन से भी चालू या बंद किया जा सकता है।
Published on:
05 May 2018 05:21 pm
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